राष्ट्रीय

उत्साह और ऊर्जा से मिलती है सफलता: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। उन्होंने कहा कि निरंतर ऊर्जा और कर्मशीलता ही व्यक्ति को सफलता की ओर अग्रसर करती है।

कर्मशीलता को बताया राष्ट्र की शक्ति

प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्मशील और ऊर्जावान देशवासी ही राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। उनके परिश्रम से विकास की नई राहें तय होती हैं और देश समृद्धि, आत्मनिर्भरता और उन्नति के शिखर तक पहुंचता है।

संस्कृत सुभाषितम् के जरिए दिया संदेश

प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा:-“कर्मशील और ऊर्जावान देशवासी ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं, जिनके परिश्रम से विकास की नई राहें तय होती हैं। इनके प्रयासों से देश समृद्धि, आत्मनिर्भरता और उन्नति के शिखर को छूता है।

अनिर्वेदो हि सततं सर्वार्थेषु प्रवर्तकः। करोति सफलं जन्तोः कर्म यच्च करोति सः॥”

सफलता के लिए उत्साह जरूरी

इस सुभाषितम् का अर्थ बताते हुए पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा कि उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा व्यक्ति को अपने कार्यों में निरंतर सक्रिय बनाए रखती है। यही अटूट उत्साह व्यक्ति के हर संकल्प को सफलता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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