उत्तर प्रदेशराज्य

गोरखपुर में 612 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण, सीएम योगी ने कहा- बंगाल बनेगा ‘सोनार बांग्ला’

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बंगाल की जीत पर कहा कि अब ‘सोनार बांग्ला’ का सपना साकार होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने विकास, सुशासन और प्रधानमंत्री के नेतृत्व पर विश्वास जताते हुए स्पष्ट संकेत दे दिया है कि जो जनता की उपेक्षा करेगा और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देगा, उसका राजनीतिक भविष्य समाप्त होना तय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल की जनता ने विकास विरोधी ताकतों को करारा जवाब दिया है और अब वहां सुशासन तथा प्रगति का नया अध्याय शुरू होगा। उन्होंने बंगाल के मतदाताओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह जनादेश पूरे देश के लिए प्रेरणा है।

मुख्यमंत्री ने विकास की गति पर जोर देते हुए कहा, ‘गति जितनी तेज होगी, विकास उतना तेज होगा और विकास जितना तेज होगा, समृद्धि भी उतनी ही तेजी से आएगी।’ इसी सोच के साथ गोरखपुर में 612 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।

इन परियोजनाओं में 270 करोड़ रुपये की लागत से एकीकृत मंडलीय कार्यालय का निर्माण प्रमुख है, जहां मंडल स्तर के सभी अधिकारी एक ही भवन में बैठेंगे। इससे आम जनता को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

इसके अलावा, 173 करोड़ रुपये की लागत से आवासीय योजनाओं की शुरुआत, आरसीसी नालों का निर्माण, शहर के सौंदर्यीकरण, स्मार्ट लाइटिंग और प्रवेश द्वार जैसी कई सुविधाएं भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी योजनाएं आम लोगों के जीवन को आसान बनाने और उनके सपनों को नई उड़ान देने के उद्देश्य से लाई गई हैं।

कल्याण मंडपम की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि यह केवल एक भवन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का केंद्र है। यहां गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार बिना आर्थिक बोझ के विवाह, मुंडन, बैठक और अन्य कार्यक्रम आयोजित कर सकेंगे।

‘मच्छर और माफिया’ से होती थी पहचान

उन्होंने बताया कि गोरखपुर में ऐसे नौ कल्याण मंडपम बनाए जा चुके हैं या निर्माणाधीन हैं, जिससे लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। पहले यहां की पहचान ‘मच्छर और माफिया’ से होती थी, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।

उन्होंने कहा, ‘जो माफिया पालते थे, उन्होंने गोरखपुर के लोगों को शक के दायरे में खड़ा कर दिया था, लेकिन आज सुरक्षा, स्वच्छता और विकास गोरखपुर की नई पहचान बन चुके हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि अब गोरखपुर का युवा अपनी पहचान छिपाने के बजाय गर्व से कहता है कि वह गोरखपुर से है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधरने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे में हुए सुधारों ने लोगों का आत्मविश्वास बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने सड़क, रेल और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। गोरखपुर-लखनऊ यात्रा जो पहले 8-9 घंटे में पूरी होती थी, अब 3-4 घंटे में संभव है। गोरखपुर-वाराणसी दूरी भी घटकर लगभग ढाई घंटे रह गई है। नए बाइपास, फोरलेन सड़कें और रिंग रोड शहर के विस्तार और विकास को गति दे रहे हैं।

एम्स, आयुष विश्वविद्यालय, नए मेडिकल और शैक्षणिक संस्थानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे न केवल स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर हुई हैं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि अच्छी सरकार ही अच्छे परिणाम देती है। उन्होंने विश्वास जताया कि विकास की यह रफ्तार आगे भी जारी रहेगी और गोरखपुर प्रदेश के अग्रणी शहरों में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।

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