
यूपी के प्रतापगढ़ में बनेगा 52 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड बाईपास, 47 गांवों में होगा भूमि अधिग्रहण, शहर को मिलेगा जाम से बड़ा राहत
प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और शहर को जाम से राहत देने के लिए बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है। यहां 52 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड बाईपास बनाया जाएगा, जिसके लिए 47 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
330 हेक्टेयर जमीन का होगा अधिग्रहण
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत कुल 330 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार जैसे ही 80 प्रतिशत भूमि उपलब्ध हो जाएगी, निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। अनुमान है कि अगले दो महीनों में इस परियोजना का काम जमीन पर दिखाई देने लगेगा।
शहर के चारों ओर सड़क नेटवर्क, फिर भी जाम से राहत नहीं
प्रतापगढ़ जिले में पहले से ही सड़क नेटवर्क मजबूत है और गंगा एक्सप्रेसवे भी यहां से होकर गुजरता है। लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव के चलते मौजूदा सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। इसी समस्या को देखते हुए बाईपास और सड़क चौड़ीकरण की परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।
पहले से चल रहे और नए बाईपास प्रोजेक्ट
शहर में गोंडे से राजगढ़ तक प्रयागराज-अयोध्या हाईवे के समानांतर लगभग 20 किलोमीटर लंबा बाईपास पहले से निर्माणाधीन है। लोहंगपुर से सुखपाल नगर तक का हिस्सा चालू भी किया जा चुका है, जबकि बाकी कार्य तेजी से जारी है।
इसके अलावा रायबरेली-जौनपुर हाईवे पर लालगंज, मोहनगंज, पृथ्वीगंज और रानीगंज बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों को जाम से राहत देने के लिए भी नए बाईपास का निर्माण प्रस्तावित है।
52 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड बाईपास होगा खास
नया 52 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड बाईपास वर्मानगर से चिरकुट्टी तक बनाया जाएगा, जो लालगंज, सदर और रानीगंज तहसील से होकर गुजरेगा। यह दो लेन का बाईपास होगा, जिससे क्षेत्रीय यातायात व्यवस्था को बड़ा सुधार मिलेगा।
330 करोड़ रुपये का मुआवजा, तेजी से चल रहा भूमि अधिग्रहण
मुख्य राजस्व अधिकारी अजय तिवारी के अनुसार एनएच-31 पर बनने वाले इस बाईपास के लिए भूमि अधिग्रहण का काम तेज गति से चल रहा है। प्रभावित किसानों को लगभग 300 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि इसी या अगले महीने तक भूमि अधिग्रहण पूरा कर लिया जाए, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
विकास और यातायात सुधार की दिशा में बड़ा कदम
यह परियोजना न केवल प्रतापगढ़ के यातायात दबाव को कम करेगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास और कनेक्टिविटी को भी नई गति देगी। इससे शहर के अंदर जाम की समस्या काफी हद तक समाप्त होने की उम्मीद है।



