
‘जब अमेरिका-ब्रिटेन में बैलेट पेपर से चुनाव हो सकते हैं तो भारत में क्यों नहीं?’ अखिलेश यादव ने फिर उठाई मतपत्र से मतदान की मांग
लखनऊ। समाजवादी पार्टी प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर देश में बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग तेज कर दी है। लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि जब अमेरिका, जापान, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे विकसित देशों में मतपत्र के जरिए चुनाव कराए जा सकते हैं, तो भारत में भी यही व्यवस्था लागू होनी चाहिए।
उन्होंने ब्रिटेन में हाल में हुए चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि वहां गुप्त मतदान बैलेट पेपर से कराया गया। यह समाजवादियों की पुरानी मांग रही है और लोकतंत्र की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए इस पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
‘हमें ईवीएम से हराया गया, लेकिन उसी से भाजपा को हराएंगे’
अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने उन्हें सिर्फ ईवीएम के जरिए हराया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी भाजपा को ईवीएम से ही हराकर सत्ता से बाहर करेगी।
सपा प्रमुख का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ब्रिटेन में स्थानीय परिषदों और स्कॉटलैंड-वेल्स की संसदों के चुनावों की मतगणना जारी है। इसी बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर ने स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी भी स्वीकार की है।
2027 चुनाव को बताया ‘बहुस्तरीय चुनाव माफिया’ के खिलाफ लड़ाई
अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से संविधान और लोकतंत्र को मजबूत करने की अपील करते हुए कहा कि वर्ष 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव बेहद महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर “बहुस्तरीय चुनाव माफिया” से लड़ना होगा।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, संविधान और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बचाने के लिए संयुक्त प्रयास जरूरी हैं।
सपा-कांग्रेस गठबंधन पर अफवाहों को बताया भाजपा की रणनीति
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और द्रमुक नेता एम.के. स्टालिन के साथ अपनी तस्वीर साझा किए जाने और सपा-कांग्रेस गठबंधन टूटने की अटकलों पर भी अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह सब भाजपा द्वारा फैलाई गई नकारात्मक राजनीति का हिस्सा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केवल विभाजन और टकराव की राजनीति करती है।
‘भाजपा जितना चुनावी खर्च कोई दल नहीं कर सकता’
सपा प्रमुख ने भाजपा पर पूंजीवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव में जितना पैसा भाजपा खर्च कर सकती है, उतना कोई दूसरी पार्टी नहीं कर सकती। हालांकि उन्होंने दावा किया कि इस बार जनता बदलाव का मन बना चुकी है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में केंद्रीय बलों की संभावित तैनाती को लेकर भी अखिलेश यादव ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यूपी में जो केंद्रीय बल आएंगे, वे उत्तर-पूर्व और दक्षिण भारत से होंगे। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल चुनाव में उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को वहां भेजा गया था।
उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार केंद्रीय बलों को चुनाव के बाद 15 दिन की छुट्टी दी गई है।
भाजपा पर समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता को लेकर हमला
भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी गठन के समय उसके भीतर समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष रास्ते को लेकर बहस हुई थी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के शुरुआती प्रस्तावों में समाजवादी विचारधारा और धर्मनिरपेक्षता की बातें शामिल थीं, लेकिन व्यवहार में पार्टी सांप्रदायिक और पूंजीवादी साबित हुई।
उन्होंने कहा कि खुद को समाजवादी दिखाने के लिए भाजपा ने मंचों पर जयप्रकाश नारायण की तस्वीर लगानी शुरू की थी।
तेल कंपनियों के घाटे का बोझ जनता पर डालने का आरोप
सरकारी तेल कंपनियों के घाटे का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि इसका बोझ आखिरकार आम जनता पर डाला जाएगा। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर की कीमतें पहले ही बढ़ाई जा चुकी हैं और आने वाले समय में आम लोगों को और आर्थिक दबाव झेलना पड़ सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मुनाफाखोरी कम नहीं होने देना चाहती और इसकी कीमत आम नागरिक चुका रहे हैं।



