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मेरठ के कंकरखेड़ा में पुलिस ने घर में घुसकर की महिलाओं से मारपीट, आजाद अधिकार सेना ने की जांच की मांग

थाना कंकरखेड़ा पुलिस जबरन घर में घुसी, तोड़फोड़ कर महिलाओं को पीटा।

Meerut News: मेरठ थाना कंकरखेड़ा क्षेत्र से जुड़े एक अत्यंत गंभीर प्रकरण को लेकर आजाद अधिकार सेना ने उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। संगठन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि पीड़ित परिवार द्वारा स्थानीय पुलिस पर लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं तथा उनकी निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच न्याय और कानून के शासन की दृष्टि से आवश्यक है।
पुलिस ने महिला की आंख को मारपीट कर घायल किया
पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस द्वारा बिना विधिक प्रक्रिया का पालन किए घर में जबरन प्रवेश, तोड़फोड़, महिलाओं के साथ मारपीट तथा एक महिला की आंख गंभीर रूप से घायल होने जैसी घटनाएं हुईं। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि नाबालिग बच्चे के साथ कठोर एवं भय उत्पन्न करने वाला व्यवहार किया गया तथा CCTV/DVR एवं अन्य संभावित डिजिटल साक्ष्यों से छेड़छाड़ अथवा उन्हें हटाने की कार्रवाई की गई।
घटना के दौरान 112 पर की गई कॉल
परिवार के अनुसार घटना के दौरान 112 पर कॉल भी की गई तथा घायल महिला को तत्काल चिकित्सकीय उपचार एवं शल्य चिकित्सा (ऑपरेशन) से गुजरना पड़ा।
आजाद अधिकार सेना का कहना है कि यदि लगाए गए आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो यह केवल एक परिवार से जुड़ा मामला नहीं बल्कि मानवाधिकारों, पुलिस जवाबदेही और विधिक प्रक्रिया के पालन से संबंधित गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
आजाद अधिकार सेना ने की निष्पक्ष जांच की मांग
संगठन ने स्पष्ट किया है कि मामले में निष्पक्षता और पारदर्शिता सर्वोपरि है। इसलिए पुलिस का आधिकारिक पक्ष, FIR, मेडिकल रिपोर्ट, 112 कॉल रिकॉर्ड, वीडियो एवं डिजिटल साक्ष्य सहित सभी अभिलेखों को जांच का हिस्सा बनाया जाना आवश्यक है ताकि सत्य निष्पक्ष रूप से सामने आ सके।
डीजीपी और अन्य आलाधिकारियों को लिखा पत्र
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेंद्र सिंह राणा ने अपर पुलिस महानिदेशक, मेरठ जोन को संबोधित तथा प्रति मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन; पुलिस महानिदेशक (DGP), उत्तर प्रदेश; आयुक्त मेरठ मंडल; पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) मेरठ रेंज; जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मेरठ सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को शिकायत प्रेषित करते हुए निम्न मांगें की हैं।
आजाद अधिकार सेना ने की ये मांगें

  1. संपूर्ण प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष SIT अथवा वरिष्ठ अधिकारी स्तर से जांच कराई जाए।
  2. CCTV, DVR, वीडियो रिकॉर्डिंग, 112 कॉल विवरण एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों का तत्काल संरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
  3. घायल महिला की मेडिकल रिपोर्ट एवं उपचार संबंधी अभिलेखों को जांच का अभिन्न भाग बनाया जाए।
  4. जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों पर विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाए।
  5. जांच अवधि में पीड़ित परिवार की सुरक्षा एवं निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित की जाए।

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