मोहन यादव कैबिनेट में बड़े बदलाव के संकेत, कई मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी; नए चेहरों को मिल सकता है मौका

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजनीति में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हालिया दिल्ली दौरों और केंद्रीय नेतृत्व के साथ लगातार हुई बैठकों के बाद मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि जून के अंतिम सप्ताह में कैबिनेट का विस्तार किया जा सकता है, जिसमें कई मौजूदा मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव के साथ नए चेहरों को भी शामिल किया जा सकता है।
5 से 6 मंत्रियों पर गिर सकती है गाज
सूत्रों के मुताबिक, सरकार के प्रदर्शन और विभागीय समीक्षा के आधार पर कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। चर्चा है कि 5 से 6 मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर किया जा सकता है, जबकि 7 से 8 विधायकों को नई जिम्मेदारी देकर मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। वर्तमान में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद की संख्या 31 है, जबकि अभी भी चार पद रिक्त हैं।
वरिष्ठ नेताओं की भूमिका में बदलाव की अटकलें
सियासी हलकों में यह भी चर्चा है कि सरकार के कुछ वरिष्ठ मंत्री नई जिम्मेदारियां संभाल सकते हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय को राज्यसभा भेजे जाने की अटकलें हैं, जबकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल को संगठन स्तर पर बड़ी भूमिका दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
विवादों में घिरे मंत्रियों पर भी नजर
कैबिनेट फेरबदल की चर्चाओं के बीच जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह का नाम भी सुर्खियों में है। कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए बयान के बाद उत्पन्न विवाद और न्यायालय की टिप्पणियों के चलते उनकी स्थिति को लेकर भी राजनीतिक अटकलें जारी हैं। वहीं विभागीय समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर कुछ राज्य मंत्रियों के प्रदर्शन पर भी सवाल उठने की चर्चा है।
नए चेहरों को मिल सकता है मौका
मंत्रिमंडल विस्तार में कई नए विधायकों को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है। सागर क्षेत्र से शैलेंद्र जैन और प्रदीप लारिया के नाम चर्चा में बताए जा रहे हैं। इसके अलावा बुंदेलखंड क्षेत्र से पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह का नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल बताया जा रहा है। वहीं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी की मंत्रिमंडल में वापसी को लेकर भी अटकलें तेज हैं।
विभागों में भी हो सकता है बड़ा फेरबदल
जानकारों का मानना है कि यह बदलाव केवल मंत्रियों के चेहरे तक सीमित नहीं रहेगा। मंत्रिमंडल विस्तार के साथ कई विभागों के पुनर्वितरण की भी संभावना है। ऐसे में सरकार के दूसरे कार्यकाल की प्रशासनिक प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए कई अहम विभाग नए मंत्रियों को सौंपे जा सकते हैं।
भाजपा ने क्या कहा?
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार और फेरबदल मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। उन्होंने कहा कि संगठन सरकार के हर निर्णय के साथ खड़ा है और जिसका भी चयन होगा, उसका उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाना होगा।



