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मेरठ में पूर्व बसपा सांसद शाहिद अखलाक के घर सीबीआई का छापा

शाहिद अखलाक के मीट कारोबार से जुड़े एक कंपनी द्वारा करीब 11 करोड़ रुपये के बैंक लोन के मामले में वित्तीय गड़बड़ी पर सीबीआई टीम पहुंची।

Meerut News: मेरठ में नगर निगम के महापौर रहे और पूर्व बसपा सांसद शाहिद अखलाक के घर सीबीआई ने छापेमारी की है। सीबीआई की टीम कोतवाली थाना क्षेत्र के गुदड़ी बाजार स्थित शाहिद अखलाक के घर पर पहुंची तो हड़कंप मच गया। शाहिद अखलाक के मीट कारोबार से जुड़े एक कंपनी द्वारा करीब 11 करोड़ रुपये के बैंक लोन के मामले में वित्तीय गड़बड़ी पर सीबीआई टीम पहुंची। सीबीआई की टीम ने करीब 4 घंटे तक घर की तलाशी ली। सीबीआई की इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी से इलाके में चर्चा फैल गई। सीबीआई द्वारा पूर्व बसपा सांसद शाहिद अखलाक के आवास छापेमारी से मेरठ के सियासी गलियारें में हलचल मच गई।
गुदड़ी बाजार स्थित शाहिद अखलाक के घर पहुंची
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम शनिवार को पूरी तैयारी के साथ गुदड़ी बाजार स्थित शाहिद अखलाक के घर पहुंची। स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेरे में ले लिया। इसके बाद शाहिद अखलाक के घर पर जांच के लिए सीबीआई की टीम घुसी। इस दौरान बाहरी व्यक्ति या मीडियाकर्मी के आने-जाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कार्रवाई एक मीट कंपनी द्वारा लिए गए 11 करोड़ रुपये के सरकारी बैंक लोन से संबंधित दस्तावेजों और खातों के फॉरेंसिक मिलान व बैकवर्ड लिंकिंग को खंगालने के लिए की पहुंची थी। सीबीआई की टीम ने परिसर को पूरी तरह सील कर रखा था और किसी भी बाहरी शख्स को अंदर जाने की इजाजत नहीं थी, वहीं मेरठ के पूर्व सांसद शाहिद अखलाक कार्रवाई के दौरान शुरू से लेकर अंत तक सीबीआई की टीम के सामने मौजूद रहे। टीम ने बैंक लोन और मीट एक्सपोर्ट से जुड़े तमाम अहम दस्तावेजों, कंप्यूटर हार्ड डिस्क और वित्तीय लेन-देन की फाइलों की बारीकी से छानबीन की।
मीडिया हलकों में अपनी कोठी पर सीबीआई छापेमारी को पूर्व सांसद शाहिद अखलाक ने भ्रामक बताया
छापेमारी के बाद सोशल मीडिया और मीडिया हलकों में अपनी कोठी पर सीबीआई छापेमारी को पूर्व सांसद शाहिद अखलाक ने भ्रामक बताया। शाहिद अखलाक ने अपनी सफाई में कहा कि जांच एजेंसी सीबीआई ने छोटी मस्जिद के बराबर मीट वाली गली में स्थित आफताब कलाम के कार्यालय परिसर की छानबीन की है। चूंकि यह कार्यालय परिसर उनके निजी आवास के सटा है। इसलिए वह एक जिम्मेदार पड़ोसी और शहर का सम्मानित नागरिक होने के नाते शिष्टाचार व स्थिति को संभालने के लिए मौजूद थे।

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