महिला जिम ट्रेनर के प्यार में पड़ा करोड़पति कारोबारी का बेटा, निकाह के लिए आयुष मलिक से बना रहमान
पिता देवराज मलिक ने किया शामली की जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी समेत 10 पर धर्मांतरण का मुकदमा।
Shamli News: शामली में धर्मांतरण और निकाह का मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। शामली के दयानंद नगर निवासी और शामली केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष देवराज मलिक के इकलौते बेटे आयुष मलिक को जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी ने प्रेम जाल में फंसाकर उसका धर्म परिवर्तन करा दिया है। आयुष मलिक अब रहमान बन गया है और उसने जिम ट्रेनर से निकाह कर लिया।
पांच साल पहले आयुष ने कुरैशी प्लस जिम जॉइन किया
पुलिस के अनुसार,पांच साल पहले आयुष ने कुरैशी प्लस जिम जॉइन किया था। जहां उसकी मुलाकात जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी से हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां हुईं और फिर मिलना जुलना शुरू हो गया। बताया जाता है कि आयुष को चांदनी ने नमाज पढ़ना सिखाया और उसको मांसाहारी बना दिया। इसके बाद उससे निकाह करने की बात कही।
चार साल पहले दोनों ने चोरी-छिपे निकाह कर लिया
चार साल पहले दोनों ने चोरी-छिपे निकाह कर लिया था। पिछले कुछ महीनों में आयुष ने अपना लुक बदल लिया, दाढ़ी बढ़ा ली और मस्जिद जाने लगा। उसकी कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें वह नमाज पढ़ते और टोपी-कुर्ता पहने दिखाई दे रहा है। मामला तब सुर्खियों में आया जब 4 जून को योग साधना आश्रम, मुजफ्फरनगर के महंत स्वामी यशवीर ने वीडियो जारी कर दावा किया कि भारत मेडिकल स्टोर के मालिक के बेटे का धर्म परिवर्तन कराया है। इसके बाद हिंदू संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया।
चांदनी कुरैशी और उसके परिजनों सहित 10 पर एफआईआर
देवराज मलिक ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि चांदनी कुरैशी, उसके परिवार के सदस्य, मुनव्वर मौलवी और दो अन्य अज्ञात मौलवियों ने मिलकर उनके बेटे पर मानसिक दबाव बनाया और उसे मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया। उनका आरोप है कि पिछले पांच वर्षों से बेटे से रुपए ऐंठे जा रहे थे।
पुलिस मुकदमा दर्ज करे जांच कर रही
शामली पुलिस ने चांदनी कुरैशी, उसके परिजनों और तीन मौलवियों समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ उत्तर प्रदेश धर्मांतरण कानून के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने चांदनी कुरैशी और उसके पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। एसपी एनपी सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है और सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।



