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कांग्रेस की गुटबाजी पर स्वास्थ्य मंत्री का तंज, महंत बोले- ‘हम सामूहिक नेतृत्व में विश्वास रखते हैं’

रायपुर: प्रदेश में कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर चल रही अंदरूनी चर्चाओं के बीच सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। जहां सत्ता पक्ष के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस पर गुटबाजी और आंतरिक मतभेदों को लेकर तीखा तंज कसा, वहीं नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी में सब कुछ सामूहिक नेतृत्व के आधार पर चल रहा है।

कांग्रेस संगठन पर मंत्री का हमला
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर चल रही कवायद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों से यह मुद्दा लगातार प्रदेश में घूम रहा है और अब यह एक “बोरिंग चैप्टर” बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस को जनता पहले ही भुला चुकी है और उसकी गतिविधियों को गंभीरता से लेना बुद्धिमानी नहीं है। मंत्री ने यह भी कहा कि उनके अनुसार कांग्रेस में शुरू से ही आंतरिक मतभेद और गुटबाजी की परंपरा रही है, जो समय-समय पर सामने आती रहती है।

महंत का पलटवार- सब कुछ सामूहिक नेतृत्व में
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने मंत्री के बयान का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस में ऐसी कोई स्थिति नहीं है जैसी बताई जा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी में जो भी जिम्मेदार नेतृत्व कर रहे हैं, उनके बीच पूरी तरह समन्वय है और निर्णय सामूहिक नेतृत्व के आधार पर लिए जाते हैं। महंत ने कहा कि आने वाले चुनावों को देखते हुए संगठनात्मक बदलाव की चर्चा सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व और राष्ट्रीय स्तर पर विचार के बाद ही होता है।

खाद-बीज और ग्रामीण मुद्दों पर सरकार को घेरा
महंत ने खाद-बीज को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी कई समस्याएं बनी हुई हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर दबाव है। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनी स्तर की परेशानियां सरकार को नजर नहीं आ रही हैं और मुख्यमंत्री को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

राष्ट्रीय राजनीति पर भी बयान
इंडिया गठबंधन की बैठक को लेकर महंत ने कहा कि दिल्ली में हो रही बैठक में महंगाई, डीजल-पेट्रोल, रसोई गैस और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में “अघोषित आपातकाल” जैसे हालात हैं और विपक्ष अपनी आगे की रणनीति तय करेगा।

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