बिहारराज्य

लालू-राबड़ी की सुरक्षा पर फिर बदला फैसला! दोबारा तैनात हुए 42 पुलिसकर्मी, सरकार ने दी सफाई

पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था चर्चा के केंद्र में आ गई है। सुरक्षा में कटौती और पुलिस बल हटाए जाने को लेकर उठे विवाद के बीच अब राज्य प्रशासन ने लालू-राबड़ी आवास पर दोबारा पुलिस बल की तैनाती कर दी है। हालांकि इस बार सुरक्षा में लगाए गए जवानों की संख्या पहले की तुलना में कम रखी गई है।

लालू-राबड़ी आवास पर फिर लौटे पुलिसकर्मी

मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा के लिए कुल 42 पुलिसकर्मियों को फिर से तैनात किया गया है। इनमें दारोगा स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। इससे पहले सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव के दौरान तैनात जवानों को पुलिस लाइन भेज दिया गया था, लेकिन अब उन्हें दोबारा ड्यूटी पर लगाया गया है।

प्रशासन का कहना है कि आवास पर लगातार लोगों की आवाजाही और भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना जरूरी था। इसी कारण सुरक्षा बलों की पुनः तैनाती का निर्णय लिया गया।

जेड प्लस सुरक्षा में बदलाव के बाद हुआ संशोधन

लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को पहले जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त थी। इस सुरक्षा व्यवस्था के तहत 40 से 50 कमांडो और अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात रहते थे। हाल ही में सुरक्षा समीक्षा समिति द्वारा सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा किए जाने के बाद व्यवस्था में बदलाव किया गया था, जिसके तहत सुरक्षा बलों की संख्या में संशोधन किया गया।

इसी प्रक्रिया के दौरान तेज प्रताप यादव की सुरक्षा में भी कटौती की गई थी, जिसके बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बन गया।

सरकार बोली- सभी फैसले नियमों के तहत

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर बिहार सरकार ने अपना पक्ष रखा है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि सुरक्षा संबंधी सभी फैसले तय नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार समय-समय पर सुरक्षा का आकलन करती है और आवश्यकता के अनुरूप बदलाव करती है।

मंत्री ने यह भी कहा कि इस विषय को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है, जबकि प्रशासनिक स्तर पर सभी कदम निर्धारित प्रक्रिया के तहत उठाए गए हैं।

एनडीए सरकार पर दुर्भावना का आरोप बेबुनियाद: मंत्री

भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एनडीए सरकार किसी भी व्यक्ति के साथ दुर्भावना के आधार पर निर्णय नहीं लेती। उन्होंने कहा कि चाहे आवास आवंटन का मामला हो या सुरक्षा व्यवस्था का, सभी निर्णय नियमों के अनुरूप लिए जाते हैं।

सुरक्षा मुद्दे पर तेज हुई सियासत

दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल लगातार आरोप लगा रहा है कि सुरक्षा व्यवस्था में किए गए बदलाव राजनीतिक सोच से प्रेरित हैं। इसी को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

सुरक्षा व्यवस्था में हुए बदलाव के बाद राबड़ी देवी के आवास के बाहर समर्थकों की गतिविधियां भी बढ़ी हैं। हालांकि प्रशासन का दावा है कि हालात पूरी तरह सामान्य हैं और कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है।

बिहार की राजनीति में फिर बना चर्चा का विषय

लालू-राबड़ी परिवार की सुरक्षा को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक गलियारों में बड़ा मुद्दा बन गया है। सुरक्षा बहाली के बावजूद जवानों की संख्या में कमी और इसे लेकर उठ रहे सवालों ने बिहार की सियासत को एक बार फिर गर्मा दिया है।

Related Articles

Back to top button