
नई दिल्ली: बालों का झड़ना एक सामान्य प्रक्रिया है और हर व्यक्ति के कुछ बाल प्रतिदिन गिरते हैं। लेकिन जब बाल जरूरत से ज्यादा टूटने या झड़ने लगें, बालों की घनत्व कम होने लगे या सिर पर खाली जगह दिखाई देने लगे, तब इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, असामान्य हेयर फॉल कई स्वास्थ्य समस्याओं, हार्मोनल बदलावों या जीवनशैली से जुड़ी परेशानियों का संकेत हो सकता है।
कितना बाल झड़ना माना जाता है सामान्य?
आमतौर पर एक स्वस्थ व्यक्ति के प्रतिदिन 50 से 100 बाल तक झड़ सकते हैं। यह प्राकृतिक चक्र का हिस्सा है, क्योंकि पुराने बालों की जगह नए बाल उगते रहते हैं। सामान्य स्थिति में बाल पूरे सिर से समान रूप से गिरते हैं और इससे बालों की मोटाई या घनत्व पर कोई खास असर नहीं पड़ता।
ये संकेत बताते हैं कि हेयर फॉल अब सामान्य नहीं है
यदि सुबह उठने पर तकिए पर बड़ी संख्या में बाल दिखाई दें या बाल धोते समय अत्यधिक मात्रा में बाल टूटकर निकलने लगें, तो यह चिंता का विषय हो सकता है।
बालों का लगातार पतला होना, सिर के ऊपरी हिस्से में बालों का कम होना या स्कैल्प अधिक दिखाई देना भी असामान्य हेयर फॉल का संकेत माना जाता है।
यदि बालों की मांग पहले की तुलना में अधिक चौड़ी नजर आने लगे और सिर की त्वचा स्पष्ट दिखाई देने लगे, तो इसे भी गंभीरता से लेने की जरूरत है।
स्कैल्प से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं वजह
सिर की सफाई में कमी, रूसी, संक्रमण या स्कैल्प से जुड़ी अन्य समस्याएं भी बालों के अत्यधिक झड़ने का कारण बन सकती हैं। ऐसे मामलों में समय रहते उपचार जरूरी होता है।
दर्द और जलन को न करें नजरअंदाज
अगर बाल झड़ने के साथ स्कैल्प में दर्द, जलन या असहजता महसूस हो रही है, तो यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।
बालों के टेक्सचर में बदलाव भी है चेतावनी
जब बाल अत्यधिक रूखे, बेजान और कमजोर होकर आसानी से टूटने लगें, तो यह भी असामान्य हेयर फॉल की ओर इशारा करता है। बालों की गुणवत्ता में अचानक गिरावट को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
फैमिली हिस्ट्री बन सकती है बड़ी वजह
कई लोगों में बाल झड़ने और गंजेपन की समस्या आनुवंशिक होती है। यदि परिवार में पहले से ऐसी समस्या रही है, तो इसके विकसित होने की संभावना बढ़ जाती है।
हार्मोनल बदलाव भी बढ़ाते हैं जोखिम
महिलाओं में पीसीओएस, गर्भावस्था और रजोनिवृत्ति के दौरान हार्मोन में बदलाव के कारण बाल झड़ने की समस्या बढ़ सकती है। पुरुषों में भी हार्मोनल असंतुलन हेयर लॉस का कारण बन सकता है।
कुछ बीमारियां और पोषण की कमी भी जिम्मेदार
थायरॉयड संबंधी विकार, ऑटोइम्यून बीमारियां और शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी बालों के अत्यधिक झड़ने की प्रमुख वजहों में शामिल हैं।
दवाओं का असर भी पड़ सकता है बालों पर
उच्च रक्तचाप, कैंसर उपचार और अवसाद जैसी स्थितियों में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाएं भी हेयर फॉल को बढ़ा सकती हैं। ऐसे मामलों में चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी होता है।
तनाव और खराब जीवनशैली बढ़ा सकती है समस्या
लगातार मानसिक तनाव बालों की वृद्धि प्रक्रिया को प्रभावित करता है। तनाव के कारण बालों की जड़ें विश्राम अवस्था में चली जाती हैं, जिससे अचानक अधिक बाल झड़ने लगते हैं।
टाइट हेयर स्टाइल भी बन सकती है नुकसान की वजह
बहुत ज्यादा कसकर पोनीटेल बनाना, बालों को लगातार खींचकर बांधना या टाइट हेयर स्टाइल अपनाना भी बालों की जड़ों को कमजोर कर सकता है, जिससे हेयर फॉल बढ़ने लगता है।



