
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर उठते असंतोष के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पार्टी में कथित तौर पर बागी विधायकों की संख्या में लगातार इजाफे के दावे किए जा रहे हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है।
सूत्रों और रिपोर्टों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि राज्य में बागी विधायकों की संख्या बढ़कर 65 तक पहुंच सकती है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष के संकेत
रिपोर्ट के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के भीतर एक बड़ा वर्ग असंतोष में बताया जा रहा है। दावों के मुताबिक, इस सूची में कई वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं के नाम भी शामिल हैं। यहां तक कि कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम जैसे वरिष्ठ नेता भी बदलते समीकरणों का हिस्सा हो सकते हैं, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
बागी गुट का बड़ा दावा
बागी विधायक समूह से जुड़े बताए जा रहे नेता रिताब्रता बनर्जी ने दावा किया है कि उनके समर्थन में विधायकों की संख्या 58 से बढ़कर 64 हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही यह संख्या 65 तक पहुंच सकती है।
रिताब्रता बनर्जी के अनुसार, उनका गुट खुद को असली तृणमूल कांग्रेस मानता है और उनका दावा है कि पार्टी के कई विधायक और सांसद उनके साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका गुट कांग्रेस में विलय नहीं कर रहा है और तृणमूल कांग्रेस के नाम पर ही आगे काम करेगा।
दिल्ली मुलाकात के बाद बढ़ी चर्चाएं
राजनीतिक हलकों में चर्चा उस समय और तेज हो गई जब ममता बनर्जी ने हाल ही में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से मुलाकात की। इस बैठक के बाद विपक्षी एकता और संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर कई तरह की अटकलें सामने आने लगीं।
हालांकि इस मुलाकात को लेकर किसी भी पक्ष ने आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।
कांग्रेस और TMC ने अटकलों को नकारा
कांग्रेस ने टीएमसी के संभावित विलय से जुड़ी सभी चर्चाओं को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि दोनों नेताओं के बीच केवल सामान्य विषयों पर चर्चा हुई थी और किसी प्रकार के राजनीतिक विलय की बात पूरी तरह निराधार है।
वहीं तृणमूल कांग्रेस की ओर से भी इन दावों को खारिज करते हुए इसे भ्रामक और बेबुनियाद बताया गया है।
बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल
फिलहाल बागी विधायकों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं, जिससे पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। स्थिति स्पष्ट होने तक सभी राजनीतिक दलों की नजर आने वाले घटनाक्रम पर टिकी हुई है।



