
गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी एक अधिकारी की कार्यशैली पर नाराज हो गए। कार्यक्रम के बीच मंत्री ने सार्वजनिक मंच से संबंधित अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए लंबित मामलों के निस्तारण के लिए 12 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित सहयोग शिविर में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी जनता की समस्याओं की समीक्षा करने पहुंचे थे। कार्यक्रम में जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। इसी दौरान बैकुंठपुर अंचलाधिकारी द्वारा आवेदनों के निस्तारण से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत की जा रही थी।
अधिकारी की रिपोर्ट सुनते ही भड़के मंत्री
अंचलाधिकारी की ओर से दी गई जानकारी सुनने के बाद शिक्षा मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि केवल कागजों पर आवेदनों का निस्तारण दिखाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि अधिकारी जनता की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकते तो पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे अधिकारियों की आवश्यकता नहीं है जो सिर्फ फाइलों में काम पूरा दिखाकर वास्तविक समस्याओं को नजरअंदाज करें।
लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
मंत्री ने मंच से ही अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की सिफारिश या पैरवी नहीं चलेगी। उन्होंने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश देने को कहा।
उन्होंने जिलाधिकारी की ओर इशारा करते हुए कहा कि यदि मामले की प्रतिकूल रिपोर्ट दर्ज हुई तो कार्रवाई तय मानी जाए। मंत्री ने यह भी कहा कि पूर्व में संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की स्थिति बनी थी, लेकिन उस समय उन्होंने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया था।
12 घंटे में मांगी पूरी रिपोर्ट
शिक्षा मंत्री ने सवाल उठाया कि सहयोग शिविर में प्राप्त आवेदनों का वास्तविक समाधान हुआ है या केवल रिकॉर्ड में निस्तारण दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को गलत रिपोर्ट भेजी जा रही है तो यह गंभीर मामला है।
मंत्री ने संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया कि 12 घंटे के भीतर सभी लंबित आवेदनों की स्थिति स्पष्ट करते हुए विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही वास्तविक निस्तारण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
वीडियो वायरल, प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज
कार्यक्रम के दौरान मंत्री की सख्त टिप्पणी और चेतावनी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में भी इसकी चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे जनता की समस्याओं को लेकर सरकार की सख्ती के रूप में देख रहे हैं, जबकि विपक्षी दल भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं।



