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उत्तराखंड में जजों का बड़ा फेरबदल! पोक्सो अदालतों में नई तैनाती, दूरदराज इलाकों में लगेंगी कैंप कोर्ट

नैनीताल: उत्तराखंड हाई कोर्ट के निर्देश पर राज्य की न्यायिक व्यवस्था में बड़े स्तर पर फेरबदल किया गया है। मुख्य न्यायाधीश के आदेश के बाद जारी अधिसूचना के तहत कई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीशों तथा सिविल जजों के तबादले और नई नियुक्तियां की गई हैं। इसके साथ ही पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में लोगों को सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के लिए नियमित कैंप कोर्ट आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

रजिस्ट्रार जनरल योगेश कुमार गुप्ता की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार बच्चों से जुड़े अपराधों की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष पोक्सो अदालतों में न्यायिक अधिकारियों की नई तैनाती की गई है।

पोक्सो अदालतों में हुई महत्वपूर्ण नियुक्तियां

अधिसूचना के तहत द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश काशीपुर रितेश कुमार श्रीवास्तव को काशीपुर में ही अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं फास्ट ट्रैक विशेष पोक्सो अदालत के रिक्त पद पर नियुक्त किया गया है।

परिवार न्यायालय टिहरी गढ़वाल में तैनात अब्दुल कय्यूम को विकासनगर में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं फास्ट ट्रैक विशेष पोक्सो अदालत में स्थानांतरित किया गया है।

वहीं, स्थायी लोक अदालत टिहरी गढ़वाल की अध्यक्ष कुसुम को देहरादून में फास्ट ट्रैक कोर्ट एवं अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पोक्सो) के पद पर तैनाती दी गई है। नैनीताल की स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष सुधीर तोमर को नैनीताल में ही पोक्सो अदालत की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सिविल जजों के तबादले और नई जिम्मेदारियां

हाई कोर्ट ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) स्तर पर भी कई बदलाव किए हैं। शंभू नाथ सिंह को ऊधम सिंह नगर से देहरादून भेजा गया है, जबकि अनिल कुमार कोरी का तबादला जोशीमठ से द्वाराहाट किया गया है।

इसके अलावा प्रतीक मथेला को ऊधम सिंह नगर, अनुराग त्रिपाठी को देहरादून, प्रतीक्षा केसरवानी को ऊधम सिंह नगर, ईशांक को देहरादून, नवीन राणा को देहरादून तथा परमिंदर कौर को धुमाकोट से हरिद्वार में नई जिम्मेदारी दी गई है।

नेहा को सतपुली से ऊधम सिंह नगर, धनिष्ठा आर्या को हरिद्वार में चतुर्थ अतिरिक्त सिविल जज और ज्योति सिंह को हरिद्वार से देहरादून स्थानांतरित किया गया है।

दूरदराज क्षेत्रों में लगेंगी नियमित कैंप कोर्ट

पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को न्याय के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े, इसके लिए हाई कोर्ट ने कैंप कोर्ट संचालन के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।

लैंसडाउन के सिविल जज को हर महीने के अंतिम सप्ताह में दो दिनों तक धुमाकोट में कैंप कोर्ट लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह कोटद्वार के सिविल जज हर माह दो दिन सतपुली में कैंप कोर्ट चलाएंगे।

चमोली के सिविल जज को प्रत्येक माह पांच दिनों तक जोशीमठ में कैंप कोर्ट आयोजित करने को कहा गया है, जबकि टिहरी गढ़वाल के सिविल जज हर महीने तीन दिनों तक प्रतापनगर में कैंप कोर्ट लगाएंगे।

विधिक सेवा प्राधिकरण को भी भेजी गई सिफारिशें

हाई कोर्ट ने उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को टिहरी गढ़वाल और नैनीताल के जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपने की सिफारिश की है।

इसके अलावा अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नसीम अहमद को सप्ताह में दो दिन टिहरी गढ़वाल परिवार न्यायालय के न्यायाधीश का अतिरिक्त कार्यभार देने का प्रस्ताव भी राज्य सरकार को भेजा जा रहा है।

न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की पहल

न्यायिक अधिकारियों के इस व्यापक फेरबदल को राज्य में न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, त्वरित और जनसुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेष रूप से पोक्सो मामलों की सुनवाई में तेजी और दूरस्थ क्षेत्रों तक न्याय पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए ये बदलाव आगामी समय में अहम साबित हो सकते हैं।

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