अन्तर्राष्ट्रीय

ईरान को ट्रंप की दो टूक चेतावनी! परमाणु ठिकानों की जांच नहीं हुई तो बंद होगी बातचीत, बढ़ा नया तनाव

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि तेहरान अपने परमाणु ठिकानों की अंतरराष्ट्रीय जांच की अनुमति नहीं देता है, तो अमेरिका बातचीत की प्रक्रिया समाप्त कर सकता है। ट्रंप के इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच चल रही कूटनीतिक कोशिशों पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।

परमाणु निरीक्षण को लेकर दोनों देशों के दावों में भी बड़ा विरोधाभास सामने आया है। जहां अमेरिका का कहना है कि निरीक्षण प्रक्रिया को लेकर आवश्यक सहमति बन चुकी है, वहीं ईरान ने ऐसे किसी तय कार्यक्रम से साफ इनकार किया है।

परमाणु जांच पर आमने-सामने आए अमेरिका और ईरान

मंगलवार को परमाणु निरीक्षण के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच खुलकर मतभेद सामने आए। ईरान का कहना है कि जिन परमाणु स्थलों पर पिछले वर्ष बमबारी हुई थी, वहां संयुक्त राष्ट्र से जुड़े निरीक्षकों के दौरे का कोई कार्यक्रम तय नहीं किया गया है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिकी दावों को खारिज करते हुए कहा कि परमाणु स्थलों की जांच को लेकर अभी तक कोई अंतिम सहमति नहीं बनी है। उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के हालिया बयान को भी अस्वीकार कर दिया।

ट्रंप बोले- सहयोग नहीं मिला तो बातचीत खत्म

दूसरी ओर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिए कि यदि ईरान जांच प्रक्रिया में सहयोग नहीं करता है, तो अमेरिका वार्ता जारी रखने के पक्ष में नहीं रहेगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि निरीक्षण प्रक्रिया शुरू करने को लेकर किसी तरह की जल्दबाजी नहीं की जा रही है।

ट्रंप के बयान को दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत पर दबाव बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

परमाणु कार्यक्रम को लेकर फिर बढ़ी बहस

ईरान लगातार दावा करता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए संचालित किया जा रहा है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता इस बात को लेकर बनी हुई है कि ईरान के पास बड़ी मात्रा में उच्च स्तर पर संवर्धित यूरेनियम मौजूद है, जिसका उपयोग परमाणु हथियार निर्माण में भी किया जा सकता है।

हाल ही में दोनों देशों के बीच एक प्रारंभिक समझौता हुआ था, जिसके तहत ईरान अपने यूरेनियम भंडार को कम करने पर सहमत हुआ था, जबकि अमेरिका प्रतिबंधों में राहत देने पर विचार कर रहा है। व्यापक समझौते को अंतिम रूप देने के लिए दोनों पक्षों को 60 दिन का समय दिया गया है।

स्विट्जरलैंड में जारी है तकनीकी स्तर की बातचीत

इस बीच स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान की तकनीकी टीमों के बीच बातचीत जारी है। सूत्रों के अनुसार वार्ता के दौरान प्रतिबंधों में राहत, परमाणु कार्यक्रम की निगरानी, पुनर्निर्माण और निरीक्षण व्यवस्था जैसे विषयों पर अलग-अलग कार्य समूह बनाए गए हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इन बैठकों का परिणाम दोनों देशों के संबंधों की दिशा तय कर सकता है।

होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हजारों क्रू मेंबर्स को निकालने की तैयारी

क्षेत्रीय तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन ने होर्मुज स्ट्रेट में फंसे लगभग 11 हजार जहाज कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकालने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण इस समुद्री मार्ग पर बढ़ते तनाव को लेकर दुनिया भर की नजरें बनी हुई हैं।

पाकिस्तान पहुंचे ईरानी राष्ट्रपति

इसी दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने पाकिस्तान की यात्रा कर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मुलाकात की। संघर्ष शुरू होने के बाद यह उनकी पहली पाकिस्तान यात्रा मानी जा रही है।

बैठक के बाद उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही समझौता प्रक्रिया में ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को शामिल नहीं किया गया है और यह मुद्दा बातचीत का हिस्सा नहीं है।

मध्य पूर्व में बढ़ रही गतिविधियां

क्षेत्रीय घटनाक्रमों के बीच लेबनान में भी तनाव बना हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायली कार्रवाई में दो लोगों की मौत हुई है। ऐसे में मध्य पूर्व में सुरक्षा और स्थिरता को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।

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