डोनाल्ड ट्रंप के ‘मरीन वन’ हेलीकॉप्टर के पास बड़ा हादसा टला, यात्री विमान से कम हुई सुरक्षा दूरी; जांच शुरू

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर उड़ान भर रहा ‘मरीन वन’ हेलीकॉप्टर वॉशिंगटन में एक यात्री विमान के बेहद करीब पहुंच गया। यह घटना रोनाल्ड रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट के पास हुई, जिसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल प्रणाली और हवाई सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि इस घटना में किसी भी विमान को नुकसान नहीं पहुंचा और दोनों सुरक्षित अपने-अपने गंतव्य तक पहुंच गए।
जानकारी के अनुसार यह घटना मंगलवार दोपहर करीब 2:33 बजे हुई। ट्रंप का हेलीकॉप्टर व्हाइट हाउस के पास स्थित एलिप्स से ज्वाइंट बेस एंड्रयूज के लिए रवाना हुआ था। इसके लगभग एक मिनट बाद एनवॉय एयर का एक यात्री विमान रीगन नेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरकर रवाना हुआ।
तय सुरक्षा दूरी से कम अंतर पर पहुंचे दोनों विमान
यात्री विमान के उड़ान भरने के कुछ देर बाद मरीन वन भी एयरपोर्ट की दिशा में बढ़ा। इस दौरान दोनों विमान तय सुरक्षा मानकों से कम दूरी पर आ गए। अधिकारियों ने इस स्थिति को ‘लॉस ऑफ सेपरेशन’ बताया है, जिसका मतलब है कि विमानों के बीच निर्धारित न्यूनतम सुरक्षित दूरी का पालन नहीं हो पाया।
एफएए के नियम क्या कहते हैं?
संघीय विमानन प्रशासन के नियमों के अनुसार इस क्षेत्र में उड़ान भर रहे विमानों के बीच कम से कम 1.5 मील की क्षैतिज दूरी और 500 फीट का ऊंचाई अंतर होना चाहिए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों विमान आमने-सामने नहीं आ रहे थे, लेकिन उनके बीच निर्धारित सुरक्षा दूरी से कम अंतर जरूर रह गया था। अधिकारियों के अनुसार इस घटना से किसी भी समय तत्काल टक्कर का खतरा नहीं बना और दोनों विमान सुरक्षित रहे।
रेडियो संचार में आई थी बाधा
रिपोर्ट के मुताबिक, मरीन वन की पायलट टीम ने उड़ान भरने से करीब तीन मिनट पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोल को इसकी जानकारी देने की कोशिश की थी। हालांकि रेडियो संचार में तकनीकी दिक्कत के कारण संदेश स्पष्ट रूप से प्राप्त नहीं हो सका। इसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने यात्री विमान को उड़ान भरने की अनुमति दे दी, जिससे दोनों विमानों के बीच सुरक्षा दूरी कम होने की स्थिति बन गई।
जांच में जुटीं एजेंसियां
घटना के बाद संघीय विमानन प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड भी पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर रहा है।
2025 की दुर्घटना के बाद फिर उठे सुरक्षा पर सवाल
यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि जनवरी 2025 में इसी रीगन नेशनल एयरपोर्ट के पास एक सैन्य हेलीकॉप्टर और यात्री विमान की टक्कर में 67 लोगों की मौत हो गई थी। ऐसे में ट्रंप के हेलीकॉप्टर और यात्री विमान के बीच सुरक्षा दूरी कम होने की इस घटना ने राजधानी के व्यस्त हवाई क्षेत्र में सुरक्षा प्रबंधन को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।



