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JPSC पेपर लीक मामले में CID का बड़ा एक्शन, कोचिंग संचालक के 2 एजेंट गिरफ्तार; 100 से ज्यादा अभ्यर्थियों की सेटिंग का खुलासा

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी ने 2 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऋतिक रोशन और पंकज प्रसून के रूप में हुई है। सीआईडी के मुताबिक, दोनों ने शिवांगन की पाठशाला कोचिंग सेंटर के संचालक संजीत कुमार के जरिए परीक्षाओं में कथित तौर पर अनुचित लाभ लिया था। दोनों संजीत के लिए एजेंट के तौर पर काम करते थे।

जांच में सामने आया है कि ऋतिक और पंकज ने फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (FRO) की परीक्षा पास की थी। आरोप है कि दोनों ने कई अभ्यर्थियों से संपर्क किया और संजीत कुमार के जरिए उन्हें परीक्षा में लाभ दिलाने की व्यवस्था की। ऋतिक जमशेदपुर के उलीडीह का रहने वाला है, जबकि पंकज रांची के सुखदेवनगर इलाके का निवासी है। दोनों की गिरफ्तारी के बाद सीआईडी मामले में आगे की कड़ियों की जांच कर रही है।

शिक्षक से पूछताछ में कई अभ्यर्थियों के नाम सामने आए

सीआईडी ने शिवांगन की पाठशाला से जुड़े शिक्षक रवि कुमार से भी पूछताछ की है। पूछताछ के दौरान उसने ऐसे कई अभ्यर्थियों के नाम बताए, जिनके बारे में कथित तौर पर 11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा, CDPO, फूड सेफ्टी ऑफिसर और FRO परीक्षाओं में सेटिंग किए जाने की जानकारी सामने आई।

JPSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर सीआईडी की जांच पहले से ही कई अभ्यर्थियों और बिचौलियों तक पहुंच चुकी है। जांच एजेंसी 100 से अधिक अभ्यर्थियों से पूछताछ भी कर चुकी है।

100 से ज्यादा अभ्यर्थियों से पैसे लेकर पास कराने का आरोप

जांच में यह आरोप सामने आया है कि करीब 100 से ज्यादा अभ्यर्थियों से पैसे लेकर उन्हें प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में पास कराने की कथित व्यवस्था की गई थी। मामले के प्रमुख आरोपी अभय तिवारी और TDPL के निदेशक रामबीर सिंह के बयानों के आधार पर जांच में दावा किया गया कि प्रारंभिक परीक्षा में प्रति अभ्यर्थी करीब 5 लाख रुपये लिए गए और करीब 100 अभ्यर्थियों से लगभग 5 करोड़ रुपये जुटाए गए।

मुख्य परीक्षा में जिन अभ्यर्थियों की उत्तरपुस्तिकाएं ठीक थीं, उनके अंक बढ़ाने के लिए कथित तौर पर जांचकर्ताओं से संपर्क किया जाता था। जांच के मुताबिक, हजारीबाग और रांची में अलग-अलग स्थानों पर सॉल्वर गैंग के सदस्यों को बैठाकर उत्तरपुस्तिकाएं लिखवाने की बात भी सामने आई है। अभ्यर्थियों का इंतजाम संजीत कुमार और रवि कुमार की मदद से किए जाने का आरोप है।

स्ट्रॉन्ग रूम से उत्तरपुस्तिकाएं बाहर निकालने का भी आरोप

जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि जिन अभ्यर्थियों को सवालों के उत्तर नहीं पता होते थे, उनकी उत्तरपुस्तिकाएं कथित तौर पर स्ट्रॉन्ग रूम से बाहर निकाली जाती थीं। इसके बाद मॉडल उत्तर उपलब्ध कराकर उनसे उत्तर लिखवाने की बात सामने आई है।

खाली ओएमआर शीट भरने के लिए लखनऊ और दिल्ली से टीम बुलाए जाने का भी आरोप है। जांच में आरोपी प्रदीप कुमार सिंह के कथित बयान का हवाला देते हुए कहा गया कि उसने JPSC के स्ट्रॉन्ग रूम से 30 अभ्यर्थियों की उत्तरपुस्तिकाएं बाहर निकालकर सौंपी थीं। बाद में उन पर उत्तर लिखवाकर उन्हें दोबारा जमा कराने की बात सामने आई।

जांच में आरोपी संजय के कथित बयान के आधार पर यह भी कहा गया है कि FRO मेन्स के 25 और ACF मेन्स के 15 अभ्यर्थियों को कथित तौर पर पास कराया गया था। मामले की जांच जारी है और सीआईडी आगे भी संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है।

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