
भीलवाड़ा: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के मांडल थाना क्षेत्र के रावों का खेड़ा गांव में पुरानी रंजिश और एक युवती को भगाने के शक को लेकर एक परिवार के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि 10-12 लोग हथियारों के साथ घर में घुसे और लाठी, सरियों व लकड़ियों से परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। घटना में एक युवक समेत तीन लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। शांति देवी पत्नी नंदलाल राव की रिपोर्ट पर मांडल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हथियार लेकर घर में घुसने का आरोप
पुलिस को दी गई रिपोर्ट के मुताबिक घटना 18 सितंबर को दोपहर करीब एक बजे की है। आरोप है कि चैन सिंह, लाडू देवी, हिम्मत सिंह, माया, सांबर देवी, झागुड़ी, गिरराज, महावीर, लक्ष्मीलाल, दिलखुश और रणजीत समेत 10-12 लोग हथियार लेकर परिवार के घर में घुस आए।
युवक को जमीन पर पटककर पीटने का आरोप
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने जगदीश को जमीन पर पटक दिया और लाठी, सरियों तथा लकड़ियों से उसके साथ मारपीट की। इस दौरान उसके कमर और पैरों में चोट लगने तथा मुंह से खून निकलने की बात कही गई है। शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंचे जगदीश के माता-पिता के साथ भी कथित रूप से मारपीट किए जाने का आरोप है।
बहू को घसीटकर ले जाने की कोशिश का आरोप
पीड़िता ने रिपोर्ट में परिवार की बहू चेतना के साथ कथित अभद्रता और जबरदस्ती करने का भी आरोप लगाया है। रिपोर्ट के अनुसार, हिम्मत सिंह और गिरराज ने चेतना का हाथ पकड़कर उसे घसीटा और जबरन गाड़ी में बैठाकर ले जाने का प्रयास किया। वहीं माया, झागुड़ी और लाडू देवी पर शांति देवी के गले से सोने का मंगलसूत्र छीनने का आरोप लगाया गया है।
परिवार को मंदिर ले जाकर बांधने का आरोप
रिपोर्ट के मुताबिक, परिवार की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। इसके बाद आरोपियों द्वारा परिवार के सदस्यों को कथित तौर पर घसीटकर चारभुजा नाथ मंदिर ले जाने और वहां बांधकर रखने का आरोप है। पीड़िता ने यह भी कहा कि फोटो या वीडियो बनाने और पुलिस के सामने गवाही देने वाले ग्रामीणों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
9 लाख रुपये और जमीन-मकान के कागजात मांगने का आरोप
मामले में आरोप लगाया गया है कि पीड़ित परिवार के एक सदस्य को कथित तौर पर एकांत स्थान पर ले जाया गया और उसके साथ अमानवीय व्यवहार करने का प्रयास किया गया। रिपोर्ट में पेशाब पिलाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया गया है। इसके अलावा मकान और जमीन के कागजात अपने नाम करने या 9 लाख रुपये देने का दबाव बनाने की बात कही गई है।
चार घंटे तक धूप में बांधकर रखने का आरोप
पीड़िता के अनुसार, परिवार के सदस्यों को दोपहर करीब एक बजे से शाम पांच बजे तक धूप में बांधकर रखा गया और पानी भी नहीं दिया गया। इसके अलावा घटना से दो-तीन दिन पहले परिवार का कथित सामाजिक बहिष्कार कराने और दुकानदारों को सामान नहीं देने के लिए कहने का आरोप भी रिपोर्ट में लगाया गया है।
BNS की धाराओं में दर्ज हुआ मामला
मांडल थाना पुलिस ने शांति देवी की रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 126(2), 333, 79, 189(2), 127(2) और 308(2) के तहत मामला दर्ज किया है। प्रकरण की जांच हेड कांस्टेबल श्यामसुंदर को सौंपी गई है।
आरोपों की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस के अनुसार, मामले में लगाए गए सभी आरोपों की जांच की जा रही है। घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आरोपों की पुष्टि के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।



