मोहन कैबिनेट में बड़ा उलटफेर तय! कई मंत्रियों की छुट्टी के संकेत, महिला विधायकों समेत नए चेहरों की एंट्री की चर्चा

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजनीति में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के हालिया संकेतों के बाद मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि विधानसभा के मानसून सत्र से पहले सरकार अपनी नई टीम का गठन कर सकती है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कई मौजूदा मंत्रियों की विदाई हो सकती है, जबकि नए चेहरों को कैबिनेट में जगह मिलने की संभावना है।
वर्तमान में मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों सहित मंत्रिपरिषद में कुल 31 सदस्य हैं। राज्य में संवैधानिक प्रावधानों के तहत अधिकतम 35 मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में चार पद अभी भी खाली हैं, जिन्हें आगामी विस्तार में भरा जा सकता है। इसके अलावा प्रदर्शन के आधार पर कुछ मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव या उन्हें बाहर किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
रिपोर्ट कार्ड के आधार पर होगा फैसला
मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि उन्होंने विभिन्न विभागों की विस्तृत समीक्षा कर मंत्रियों के प्रदर्शन की रिपोर्ट मंगाई है। इसी रिपोर्ट के आधार पर कैबिनेट में बदलाव की रणनीति तैयार की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ मंत्रियों के कामकाज को लेकर लगातार शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल से कुछ चेहरों की विदाई लगभग तय मानी जा रही है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इस फेरबदल में कई विभागों की जिम्मेदारियां भी बदली जा सकती हैं।
दिग्गज मंत्रियों को मिल सकती है नई जिम्मेदारी
कैबिनेट विस्तार के साथ-साथ सरकार के कुछ वरिष्ठ मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि सरकार प्रशासनिक संतुलन और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अनुभवी नेताओं को नई जिम्मेदारियां सौंप सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव आगामी चुनावी रणनीति और संगठनात्मक संतुलन को मजबूत करने के उद्देश्य से भी किया जा सकता है।
महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर फोकस
कैबिनेट विस्तार में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने की संभावना भी चर्चा में है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार महिला मतदाताओं और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के लिए महिला विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल कर सकती है।
कई वरिष्ठ महिला नेताओं के नाम संभावित दावेदारों की सूची में बताए जा रहे हैं। इसके अलावा कुछ अनुभवी और संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले विधायकों को भी मंत्री पद की जिम्मेदारी मिलने की संभावना है।
सिंधिया खेमे की दावेदारी मजबूत
मंत्रिमंडल विस्तार में ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक नेताओं की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। राजनीतिक चर्चाओं के मुताबिक, सिंधिया खेमे से जुड़े कुछ नेताओं की सरकार में वापसी या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना बनी हुई है।
विशेष रूप से पूर्व मंत्रियों और क्षेत्रीय प्रभाव रखने वाले नेताओं के नामों पर गंभीरता से विचार किए जाने की चर्चा है। इससे सत्ता और संगठन के बीच संतुलन साधने की कोशिश भी दिखाई दे रही है।
मानसून सत्र से पहले हो सकता है बड़ा फैसला
20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र से पहले मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना सबसे अधिक मानी जा रही है। यदि ऐसा होता है तो यह मोहन यादव सरकार का अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक बदलाव साबित हो सकता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विस्तार केवल खाली पद भरने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकार के कामकाज को नई दिशा देने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए टीम को मजबूत करने की कवायद भी होगा।



