मध्य प्रदेशराज्य

CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान! लोकतंत्र सेनानियों को स्पेशल ट्रेन से तीर्थयात्रा, मुफ्त इलाज और एयर एंबुलेंस की सुविधा

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में कई अहम घोषणाएं करते हुए उनके लिए विशेष सुविधाओं का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के लिए स्पेशल ट्रेन के माध्यम से तीर्थयात्रा कराई जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश के रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस में दो दिन तक नि:शुल्क ठहरने, मुफ्त चिकित्सा सुविधा और जरूरत पड़ने पर एयर एंबुलेंस उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए उनके गांवों और कस्बों में शिलालेख स्थापित किए जाएंगे। साथ ही पार्क, सड़कों और खेल मैदानों का नामकरण भी उनके नाम पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन लोकतंत्र सेनानियों को अब तक ताम्रपत्र सम्मान नहीं मिल पाया है, उन्हें भी जल्द सम्मानित किया जाएगा।

रवींद्र भवन में हुआ लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन

भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन में मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस दौरान लोकतंत्र सेनानियों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया गया। सम्मेलन में 96 वर्षीय लक्ष्मी नारायण पाटीदार, 95 वर्षीय शांति लाल संघवी और पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता का विशेष सम्मान किया गया। कार्यक्रम में आपातकाल पर आधारित एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन हुआ।

लोकतंत्र बचाने का संघर्ष दूसरी आजादी की लड़ाई जैसा

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष स्वतंत्रता आंदोलन की दूसरी लड़ाई के समान था। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान हालात ऐसे थे कि लोगों को बिना सुनवाई, बिना दलील और बिना अपील के जेल भेज दिया जाता था। ऐसे कठिन समय में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों के कारण ही आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश बन पाया है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की ताकत ही है कि एक साधारण और गरीब परिवार से आने वाला व्यक्ति भी देश का प्रधानमंत्री बन सकता है। यह व्यवस्था उन लोगों के संघर्ष का परिणाम है जिन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए कठिनाइयां झेलीं।

कांग्रेस पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने भाषण में कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान का सबसे अधिक दुरुपयोग कांग्रेस शासनकाल में हुआ और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि एक परिवार केंद्रित राजनीति को बढ़ावा देने से लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है, जबकि भारत के साथ स्वतंत्र हुआ पाकिस्तान आज भी राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि संघ ने हर कठिन दौर में राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों जैसा सम्मान देने की मांग

लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक ने कहा कि प्रदेश में पिछले एक दशक से लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान की परंपरा निरंतर जारी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के पिता स्वयं मीसाबंदी रहे थे, इसलिए मुख्यमंत्री लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और पीड़ा को निकट से समझते हैं।

संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद कैलाश सोनी ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताते हुए लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के समान दर्जा और सम्मान देने की मांग दोहराई। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों को मिलने वाली आर्थिक सहायता को आयकर से मुक्त करने की भी मांग रखी।

पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानजनक आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है और उनके सम्मान के लिए लगातार सकारात्मक कदम उठा रही है।

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