स्पोर्ट्स

FIFA World Cup 2026 में महाउलटफेर! जर्मनी की टूटी खिताबी उम्मीदें, पराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में रचा इतिहास

नई दिल्ली: फीफा विश्व कप 2026 में एक ऐसा नतीजा सामने आया है जिसने दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों को चौंका दिया। चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी को राउंड ऑफ-32 मुकाबले में पराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। निर्धारित 90 मिनट और अतिरिक्त समय तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर रहीं, लेकिन पेनल्टी शूटआउट में पराग्वे ने शानदार संयम दिखाते हुए अंतिम-16 का टिकट हासिल कर लिया।

जर्मनी का दबदबा, लेकिन गोल नहीं कर सका असर

मुकाबले में जर्मनी ने गेंद पर अधिक नियंत्रण बनाए रखा और लगातार आक्रामक खेल दिखाया। हालांकि पराग्वे की मजबूत रक्षापंक्ति और गोलकीपर ऑरलैंडो गिल जर्मन हमलों के सामने दीवार बनकर खड़े रहे। लेरॉय साने, फ्लोरियन विर्ट्ज और काई हैवर्ट्ज जैसे स्टार खिलाड़ी भी निर्णायक बढ़त दिलाने में सफल नहीं हो सके।

पहले हाफ में पराग्वे ने किया बड़ा वार

पहले हाफ के अंतिम क्षणों में पराग्वे ने मिले मौके को गोल में बदलकर मैच का रुख बदल दिया। कॉर्नर के बाद बने हमले में मटियास गलार्सा ने सटीक क्रॉस दिया, जिस पर जूलियो एनसिसो ने शानदार हेडर लगाकर गेंद जाल में पहुंचा दी। इस गोल के साथ पराग्वे ने 1-0 की बढ़त बना ली, जो हाफ टाइम तक कायम रही।

काई हैवर्ट्ज ने दिलाई वापसी

दूसरे हाफ में जर्मनी ने आक्रामक तेवर अपनाए और 54वें मिनट में बराबरी हासिल कर ली। फ्लोरियन विर्ट्ज के शानदार क्रॉस पर काई हैवर्ट्ज ने बेहतरीन हेडर लगाकर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद जर्मन टीम लगातार जीत का गोल तलाशती रही, लेकिन पराग्वे ने रक्षात्मक रणनीति के दम पर मुकाबले को अतिरिक्त समय तक पहुंचा दिया।

अतिरिक्त समय में भी नहीं निकला नतीजा

एक्स्ट्रा टाइम के दौरान जर्मनी ने गेंद को गोलपोस्ट तक पहुंचाया, लेकिन गोलकीपर पर फाउल के कारण रेफरी ने गोल को मान्यता नहीं दी। इसके बाद मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से होना तय हो गया।

ऑरलैंडो गिल बने जीत के हीरो

पेनल्टी शूटआउट में शुरुआत से ही पराग्वे ने बढ़त बना ली। जर्मनी की पहली पेनल्टी काई हैवर्ट्ज नहीं बदल सके और गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने शानदार बचाव करते हुए टीम को बढ़त दिला दी। आखिरकार निर्णायक मौके पर जोसे कनाले ने गोल दागकर पराग्वे को 4-3 से ऐतिहासिक जीत दिला दी।

विश्व कप इतिहास की सबसे यादगार जीतों में शामिल हुआ मुकाबला

इस जीत के साथ पराग्वे ने विश्व कप नॉकआउट चरण के इतिहास में अपनी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक दर्ज कर ली। जूलियो एनसिसो का गोल भी खास रहा, क्योंकि यह विश्व कप नॉकआउट चरण में पराग्वे का पहला गोल बन गया। अब पराग्वे की टीम 4 जुलाई को फ्रांस और स्वीडन के बीच होने वाले मुकाबले की विजेता से भिड़ेगी।

हार के बाद जर्मन खेमे में निराशा

मैच के बाद पराग्वे के कप्तान गुस्तावो गोमेज ने टीम की एकजुटता और संघर्ष को जीत की सबसे बड़ी वजह बताया। वहीं गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने कहा कि टीम ने पेनल्टी लेने वाले खिलाड़ियों की पहले से तैयारी की थी, जिसका फायदा निर्णायक समय पर मिला।

दूसरी ओर जर्मनी के मुख्य कोच जूलियन नागेल्समान ने स्वीकार किया कि उनकी टीम विपक्ष पर अपेक्षित दबाव नहीं बना सकी। काई हैवर्ट्ज ने भी हार पर निराशा जताते हुए कहा कि खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन का गंभीरता से विश्लेषण करना होगा।

ब्राजील ने भी बनाई अंतिम-16 में जगह

दिन के दूसरे मुकाबले में ब्राजील ने जापान को 2-1 से हराकर अंतिम-16 में प्रवेश कर लिया। जापान ने पहले गोल कर बढ़त बनाई थी, लेकिन ब्राजील ने शानदार वापसी करते हुए इंजरी टाइम में गैब्रियल मार्टिनेली के विजयी गोल की बदौलत रोमांचक जीत दर्ज की।

Related Articles

Back to top button