
‘मंदिरों का पैसा कब्रिस्तानों पर खर्च होता था तो आस्था कहां थी?’ सहारनपुर से सपा पर योगी का तीखा हमला
सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग आज आस्था की बात कर रहे हैं, उन्हें यह भी बताना चाहिए कि जब मंदिरों के लिए निर्धारित धनराशि को कब्रिस्तानों पर खर्च किया जा रहा था, तब उनकी आस्था कहां थी। उन्होंने कहा कि अयोध्या के विकास को अब कोई ताकत रोक नहीं सकती और प्रदेश सरकार विरासत और विकास दोनों को समान महत्व देने के सिद्धांत पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय इस्माइलपुर (कंपोजिट) से राज्यव्यापी स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत की। यह अभियान 1 जुलाई से 15 जुलाई तक चलाया जाएगा। इस दौरान उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील की।
सपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों के शासनकाल में राम भक्तों पर गोलियां चलाई गईं, वही आज आस्था के नाम पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आस्था के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ नहीं किया जा रहा है और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
‘अयोध्या को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता’
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या आज तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है और अब उसके विकास को रोकना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ विकास परियोजनाओं को भी समान प्राथमिकता दे रही है।
2017 से पहले दंगे और पलायन का किया जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति अलग थी। उन्होंने कहा कि सहारनपुर और मेरठ जैसे शहर दंगों की घटनाओं से प्रभावित रहते थे और कैराना से पलायन जैसी घटनाएं सामने आती थीं। उस समय न बेटियां सुरक्षित थीं और न ही व्यापारी वर्ग खुद को सुरक्षित महसूस करता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2012 में मुरादाबाद में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पर हमला हुआ था, लेकिन उस समय आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने बाद में ऐसे उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की।
उन्होंने कहा कि आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और सहारनपुर जैसे जिलों में शांति और कानून व्यवस्था कायम है।
‘नीयत साफ थी, इसलिए परिणाम भी बेहतर मिले’
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने स्कूल चलो अभियान की शुरुआत की थी। सरकार का उद्देश्य बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना था।
उन्होंने कहा कि उस समय बेसिक शिक्षा परिषद के केवल 36 प्रतिशत विद्यालय ही बुनियादी सुविधाओं से संतृप्त थे। स्कूलों में शौचालय, पेयजल, फर्नीचर, पुस्तकालय, बिजली और मध्याह्न भोजन जैसी सुविधाओं का अभाव था।
इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प अभियान शुरू किया और जनप्रतिनिधियों, उद्योगपतियों तथा अधिकारियों के सहयोग से विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं विकसित करने का अभियान चलाया गया।
पांच वर्षों में 96 फीसदी से ज्यादा स्कूलों में पहुंचीं सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रत्येक विद्यालय में छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय, पेयजल व्यवस्था, नियमित मध्याह्न भोजन, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया था।
उन्होंने बताया कि हर बच्चे को यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, किताबें, जूते-मोजे और स्वेटर उपलब्ध कराए गए। इसके परिणामस्वरूप विद्यालयों में नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले नौ वर्षों में बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में 60 लाख से अधिक बच्चों का नामांकन बढ़ा है, जबकि स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की दर 19 से 20 प्रतिशत से घटकर 3 से 4 प्रतिशत के बीच रह गई है।
मां शाकंभरी की कृपा से हुई बारिश का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत मां शाकंभरी की पावन धरती से होना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि देर रात से हो रही बारिश किसानों के लिए लाभदायक साबित होगी और भीषण गर्मी से भी लोगों को राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह वर्षा किसानों के लिए अन्न उत्पादन और जल संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है तथा इसे मां शाकंभरी की विशेष कृपा के रूप में देखा जा सकता है।



