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अल नीनो का बढ़ा खतरा! WMO की चेतावनी- दुनिया में बढ़ सकती है भीषण लू, सूखा और मूसलाधार बारिश, भारत पर भी असर

नई दिल्ली: दुनिया के मौसम में आने वाले महीनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति तेजी से मजबूत होने की ओर बढ़ रही है। इसके चलते दुनिया के कई हिस्सों में भीषण गर्मी, सूखा, भारी बारिश और अन्य चरम मौसमी घटनाओं का खतरा काफी बढ़ सकता है।

जुलाई से सितंबर के बीच मजबूत हो सकता है अल नीनो

डब्ल्यूएमओ की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान अल नीनो के बेहद शक्तिशाली रूप लेने की प्रबल संभावना है। संगठन की महानिदेशक सेलेस्ट साउलो ने कहा कि अल नीनो की शुरुआत हो चुकी है और मौजूदा अनुमान बताते हैं कि आने वाले महीनों में यह तेजी से मजबूत होगा। इसके प्रभाव से कई क्षेत्रों में सूखे की स्थिति गंभीर हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में अत्यधिक बारिश, भीषण लू और समुद्री हीटवेव जैसी परिस्थितियां देखने को मिल सकती हैं।

भारत में भी दिख सकता है असर

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 12 जून को ही देश में अल नीनो की दस्तक की पुष्टि करते हुए कहा था कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान इसके और मजबूत होने की संभावना है। इसका असर जून महीने में भी देखने को मिला, जब देशभर में सामान्य से 40 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक असर मध्य भारत पर पड़ा, जहां वर्षा में 50.4 प्रतिशत की कमी रिकॉर्ड की गई।

जुलाई में भी कम बारिश का अनुमान

आईएमडी ने जुलाई महीने में भी देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका जताई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अल नीनो और अधिक मजबूत होता है तो इसका असर मानसून की गतिविधियों पर पड़ सकता है, जिससे कृषि, जल संसाधनों और तापमान की स्थिति प्रभावित होने की संभावना रहेगी।

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