मध्य प्रदेशराज्य

एमपी में GRP थाना प्रभारी गिरफ्तार, तस्कर को 1.50 किलो अफीम सप्लाई करने का आरोप, कोर्ट ने भेजा पुलिस रिमांड पर

नीमच: मध्य प्रदेश के नीमच जिले में अफीम तस्करी से जुड़े एक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंदसौर जिले के शामगढ़ जीआरपी थाना प्रभारी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि उन्होंने एक तस्कर को 1.50 किलोग्राम अफीम उपलब्ध कराई थी। पुलिस ने आरोपी अधिकारी को स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

4.50 किलो अफीम के साथ पकड़ा गया था तस्कर

पुलिस के मुताबिक, 7 जुलाई को मंगल सिंह नामक तस्कर को 4.50 किलोग्राम अफीम के साथ एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान उसके पास अफीम रखने या उसके परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला।

पूछताछ में थाना प्रभारी का नाम आया सामने

जीरन थाना प्रभारी उमेश यादव ने बताया कि पूछताछ के दौरान मंगल सिंह ने खुलासा किया कि वह अलग-अलग लोगों से कम कीमत पर अफीम खरीदकर अधिक कीमत पर अन्य तस्करों को बेचता था। उसने यह भी बताया कि बरामद 4.50 किलोग्राम अफीम में से 1.50 किलोग्राम अफीम उसे मंदसौर जिले के शामगढ़ जीआरपी थाना प्रभारी से मिली थी।

बयान और जांच के आधार पर हुई गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार, तस्कर के बयान और जांच में सामने आए अन्य तथ्यों के आधार पर जीआरपी थाना प्रभारी कन्हैयालाल भाटी को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां अभियोजन के अनुरोध पर अदालत ने दो दिन की पुलिस रिमांड मंजूर कर दी।

अफीम तस्करी के पूरे नेटवर्क की जांच जारी

पुलिस अब आरोपी थाना प्रभारी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि अफीम की आपूर्ति और तस्करी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, मंगल सिंह से बरामद 4.50 किलोग्राम अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 22 से 23 लाख रुपये है। नीमच अफीम उत्पादक क्षेत्र होने के कारण यहां स्थानीय स्तर पर इसकी कीमत अपेक्षाकृत कम रहती है।

आगर में 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते क्लर्क भी गिरफ्तार

उधर, एक अन्य कार्रवाई में मध्य प्रदेश लोकायुक्त पुलिस ने आगर जिले में जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 एवं प्रभारी लेखपाल मनीष कुमार पंड्या को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि वह एक सेवानिवृत्त अधिकारी के बकाया भुगतान के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था।

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