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यूक्रेन में सत्ता का बड़ा बदलाव! जेलेंस्की सरकार में सेरगी कोरेट्स्की बने नए प्रधानमंत्री, संसद से मिली भारी समर्थन की मुहर

कीव: रूस के साथ जारी युद्ध के बीच यूक्रेन की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ है। राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के करीबी माने जाने वाले ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ 48 वर्षीय सेरगी कोरेट्स्की को देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। यूक्रेन की संसद ने गुरुवार को हुए मतदान में उन्हें 289 मतों के समर्थन के साथ मंजूरी दे दी।

यह नियुक्ति जेलेंस्की सरकार के व्यापक फेरबदल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युद्ध के दौरान ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना, अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखना और यूरोपीय संघ की सदस्यता की दिशा में प्रयासों को गति देना है।

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कोरेट्स्की के नाम की घोषणा करते समय कहा था कि ऊर्जा क्षेत्र में उनका अनुभव आगामी सर्दियों में युद्धग्रस्त यूक्रेन के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। संसद में विश्वास मत से पहले कोरेट्स्की ने सांसदों के सामने अपनी प्राथमिकताओं की भी जानकारी दी।

नई सरकार की तीन प्रमुख प्राथमिकताएं

  • देश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना।
  • आर्थिक स्थिरता और विकास को गति देना।
  • यूरोपीय संघ की सदस्यता प्रक्रिया को तेज करना।

कौन हैं नए प्रधानमंत्री सेरगी कोरेट्स्की?

सेरगी कोरेट्स्की पेशे से इंजीनियर और अर्थशास्त्री हैं। उन्होंने अब तक किसी राजनीतिक दल से जुड़कर काम नहीं किया है और न ही उनके पास पहले कोई सरकारी पद का अनुभव रहा है। हालांकि, ऊर्जा क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का अनुभव उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए महत्वपूर्ण बनाता है।

ऊर्जा क्षेत्र में लंबा अनुभव

मई 2025 से वह देश की सरकारी ऊर्जा कंपनी नैफ्तोगाज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे हैं। इस पद पर रहते हुए उन्होंने गैस उत्पादन, आयात और वितरण की जिम्मेदारी संभाली।

इससे पहले वह यूक्रेन की प्रमुख तेल उत्पादक कंपनी उक्रनाफ्टा का नेतृत्व कर चुके हैं। अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने वेस्टर्न ऑयल ग्रुप का नेतृत्व किया, कॉन्टिनम ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रहे और देश की प्रमुख ईंधन स्टेशन श्रृंखला WOG के संचालन की जिम्मेदारी भी संभाली। पश्चिमी यूक्रेन के लुत्स्क शहर में जन्मे कोरेट्स्की ने निजी क्षेत्र में कॉफी चेन व्यवसाय भी स्थापित किया था।

सर्दियों से पहले ऊर्जा व्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती

नए प्रधानमंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती आगामी सर्दियों से पहले यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को मजबूत करना होगी। पिछले कई महीनों से रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों में बिजली उत्पादन केंद्रों, सबस्टेशनों और गैस पाइपलाइनों को भारी नुकसान पहुंचा है।

राष्ट्रपति जेलेंस्की पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सर्दियों की तैयारियां सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि ऊर्जा क्षेत्र में कोरेट्स्की का अनुभव देश में बिजली और गैस आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा।

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