
नई दिल्ली: कर्क संक्रांति के अवसर पर आज सूर्य देव ने मिथुन राशि से निकलकर चंद्रमा की राशि कर्क में प्रवेश कर लिया है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य के इस राशि परिवर्तन को कर्क संक्रांति कहा जाता है, जिसका धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस संक्रांति के साथ सूर्य का उत्तरायण समाप्त होकर दक्षिणायन प्रारंभ हो जाता है और आगामी छह माह तक सूर्य दक्षिणायन में रहते हैं।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सूर्य के कर्क राशि में गोचर से कुछ राशियों के जातकों के लिए उन्नति, आर्थिक लाभ और नए अवसर बनने के संकेत मिल रहे हैं।
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए यह गोचर शुभ माना जा रहा है। कार्यक्षेत्र में आत्मविश्वास बढ़ सकता है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने की संभावना है। नौकरी में सराहना मिल सकती है, जबकि कारोबार से जुड़े लोगों के लिए विस्तार के नए अवसर बन सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत भी बताए गए हैं।
कन्या राशि
कन्या राशि के लोगों के लिए धन लाभ के नए अवसर बन सकते हैं। लंबे समय से अटका हुआ धन मिलने की संभावना जताई गई है। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है और परिवार में सुखद माहौल बना रह सकता है। किसी पुराने मित्र या रिश्तेदार से मुलाकात भी लाभदायक साबित हो सकती है।
तुला राशि
तुला राशि के नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या पदोन्नति मिलने के योग बताए जा रहे हैं। सरकारी कार्यों में आ रही बाधाएं दूर हो सकती हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नई डील से लाभ मिलने की संभावना है। महत्वपूर्ण फैसलों में पिता का सहयोग और मार्गदर्शन मिल सकता है।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए यह समय सुख-सुविधाओं में वृद्धि का संकेत दे सकता है। संपत्ति या वाहन खरीदने की योजना पूरी होने की संभावना है। परिवार में शांति और सौहार्द बना रह सकता है तथा मानसिक तनाव में कमी महसूस हो सकती है। विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में अच्छे परिणाम मिलने के संकेत भी बताए गए हैं।
कर्क संक्रांति पर किए जाने वाले शुभ कार्य
ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कर्क संक्रांति के दिन स्नान के जल में गंगाजल और काले तिल मिलाकर स्नान करना शुभ माना जाता है। स्नान के बाद तांबे के पात्र में जल, लाल चंदन, अक्षत और लाल पुष्प डालकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया जाता है तथा ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करने की परंपरा है। इसके अलावा जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र, सत्तू, छाता या मौसमी फलों का दान करना भी शुभ माना गया है।



