
नई दिल्ली: अचार भारतीय भोजन का स्वाद बढ़ाने वाली लोकप्रिय चीजों में से एक है, लेकिन इसका अधिक सेवन हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होता। अधिकांश अचार में नमक और तेल की मात्रा अधिक होती है, जबकि कई प्रकार के अचार में अम्लीय तत्व भी ज्यादा होते हैं। ऐसे में कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अचार सीमित मात्रा में या डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही खाना चाहिए।
हाई ब्लड प्रेशर के मरीज रहें सतर्क
उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों को अधिक मात्रा में अचार खाने से बचना चाहिए। अचार में मौजूद अधिक सोडियम शरीर में नमक की मात्रा बढ़ा सकता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है। लगातार अधिक नमक का सेवन हृदय और रक्त वाहिकाओं पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है।
लिवर और किडनी की बीमारी में नुकसानदायक हो सकता है
लिवर और किडनी संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए अधिक नमक वाला अचार परेशानी बढ़ा सकता है। ज्यादा सोडियम शरीर में पानी रोकने की प्रवृत्ति बढ़ा सकता है, जिससे सूजन की समस्या हो सकती है। ऐसे मरीजों को अपने आहार में नमक की मात्रा नियंत्रित रखने की सलाह दी जाती है।
यूरिक एसिड बढ़ा है तो रखें सावधानी
यूरिक एसिड की समस्या से पीड़ित लोगों को भी अचार का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए। अधिक मात्रा में अचार खाने से कुछ लोगों में गैस, एसिडिटी और सूजन की शिकायत बढ़ सकती है। यदि पहले से यूरिक एसिड अधिक है तो संतुलित आहार अपनाना बेहतर माना जाता है।
ऑस्टियोपोरोसिस के मरीजों को भी सीमित मात्रा में खाना चाहिए
ऑस्टियोपोरोसिस यानी हड्डियों के कमजोर होने की समस्या से जूझ रहे लोगों को भी अचार का अधिक सेवन करने से बचना चाहिए। अधिक सोडियम का सेवन शरीर में कैल्शियम के संतुलन को प्रभावित कर सकता है, जिससे हड्डियों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
संतुलित मात्रा में ही करें सेवन
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कोई गंभीर बीमारी नहीं है तो भी अचार का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। ताजा और संतुलित भोजन, पर्याप्त फल-सब्जियां और कम नमक वाला आहार लंबे समय तक बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करता है। यदि आपको हाई ब्लड प्रेशर, किडनी, लिवर या अन्य गंभीर बीमारी है तो अपने आहार में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह जरूर लें।



