
पटना: बिहार की राजधानी पटना में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधीक्षक संकेत कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एसपी अपने जवानों को सख्त निर्देश देते हुए कहते दिखाई देते हैं, “पीछे हटे तो नौकरी करने लायक नहीं छोड़ूंगा।” इसके तुरंत बाद वह खुद सबसे आगे बढ़कर प्रदर्शनकारियों की ओर दौड़ते नजर आते हैं। इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, पटना पुलिस की ओर से अब तक इस वीडियो पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
वीडियो में दिखा तनावपूर्ण माहौल
वायरल वीडियो में छात्र प्रदर्शन के दौरान तनावपूर्ण स्थिति दिखाई देती है। प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि पुलिस उन्हें रोकने में जुटी है। इसी दौरान एसपी संकेत कुमार पुलिसकर्मियों के बीच पहुंचकर उन्हें पीछे न हटने की चेतावनी देते हैं और फिर स्वयं आगे बढ़कर कार्रवाई का नेतृत्व करते दिखाई देते हैं। यही दृश्य सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुआ प्रदर्शन
गुरुवार को पटना के जेपी गोलंबर पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन समेत कई छात्र संगठनों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन बाद में प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे। पहले से मौजूद बैरिकेडिंग पर पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई और हालात तनावपूर्ण हो गए।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने किया बल प्रयोग
हालात बेकाबू होने पर पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया गया। साथ ही वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पथराव किए जाने की भी सूचना मिली। इस दौरान गांधी मैदान थाना प्रभारी और एक महिला पुलिसकर्मी घायल हो गईं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रही थी भीड़
प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे थे। सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी होने के कारण पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। जब प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे तो पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया। इसके बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई, हालांकि राजधानी के संवेदनशील इलाकों में पूरे दिन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा।
घटना के बाद तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
पटना की घटना के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई। दरभंगा में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। लहेरियासराय टावर चौक पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए पटना की घटना की निंदा की। भाजपा के दरभंगा जिला अध्यक्ष आदित्य नारायण मन्ना ने आरोप लगाया कि पटना में भाजपा कार्यकर्ताओं पर पथराव किया गया, जिसे उन्होंने लोकतांत्रिक विरोध की सीमा से बाहर बताया। उन्होंने मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि हिंसा किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।



