महाराष्ट्र बंद का ऐलान: छात्र आंदोलन के समर्थन में आज राज्यभर में प्रदर्शन, कई संगठनों का मिला साथ

मुंबई: नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के समर्थन में वंचित बहुजन आघाड़ी ने गुरुवार को महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया है। पार्टी अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि छात्र आंदोलन के समर्थन में यह बंद बुलाया गया है। उनके अनुसार, वामपंथी राजनीतिक दलों, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और कई कोचिंग संस्थानों ने भी इस बंद का समर्थन किया है।
क्या रहेगा खुला, क्या हो सकता है प्रभावित
बंद के दौरान राज्य के कुछ इलाकों में स्वैच्छिक रूप से दुकानें और बाजार बंद रखे जा सकते हैं। हालांकि आवश्यक सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहने की संभावना है। सार्वजनिक परिवहन के भी सामान्य रूप से संचालित होने की उम्मीद है, लेकिन यदि विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन होते हैं तो यातायात प्रभावित हो सकता है और कुछ मार्गों पर जाम या रास्ते बंद होने जैसी स्थिति बन सकती है।
बंद बुलाने की बताई वजह
प्रकाश आंबेडकर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्र आंदोलन को लेकर सख्त रुख अपना रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों पर जवाब देना चाहिए और अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी कारण 23 जुलाई को महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि छात्र आंदोलन को व्यापक समर्थन मिलना चाहिए और उनकी राय में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात करनी चाहिए।
छात्र आंदोलन को बताया समर्थन योग्य
प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि यह आंदोलन उनकी पार्टी का नहीं है, लेकिन छात्र हितों से जुड़े इस मुद्दे पर उनका पूरा समर्थन आंदोलनकारियों के साथ है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के छात्र संगठन से भी इस बंद में शामिल होने की अपील की।
मजदूर संगठनों से भी जारी है संपर्क
वीबीए प्रमुख ने बताया कि बंद को सफल बनाने के लिए मजदूर यूनियनों, बेस्ट कर्मचारियों के संगठनों, बृहन्मुंबई नगर निगम की यूनियनों और अन्य श्रमिक संगठनों से लगातार बातचीत की जा रही है। उनका कहना है कि दिल्ली में छात्रों के साथ हुई कार्रवाई को लेकर लोगों में नाराजगी है और कई संगठन इस बंद का समर्थन करने के इच्छुक हैं।
रिजर्व पुलिस बल की तैनाती पर जताई आपत्ति
प्रकाश आंबेडकर ने दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान रिजर्व पुलिस बल बुलाए जाने का विरोध जताया। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश है कि आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग या आंसू गैस का इस्तेमाल न किया जाए। उन्होंने भाजपा को छोड़कर सभी राजनीतिक दलों से बंद का समर्थन करने की अपील भी की।
दादर की चैत्यभूमि पर पुलिस की एहतियाती कार्रवाई
बंद से पहले मुंबई के दादर पश्चिम स्थित चैत्यभूमि परिसर में वामपंथी दलों की प्रस्तावित सभा को पुलिस ने एहतियातन तितर-बितर कर दिया। यह स्थल डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की समाधि होने के कारण दलित समाज के लिए विशेष महत्व रखता है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, एहतियाती कार्रवाई के तहत कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर नजरबंद किया गया है। वहीं कुछ नेताओं के आवासों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। कुछ छात्र नेताओं को चेतावनी भी दी गई कि घर से बाहर निकलने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।
चैत्यभूमि की सुरक्षा बढ़ाई गई
मुंबई पुलिस ने चैत्यभूमि के आसपास भारी बैरिकेडिंग और नाकेबंदी कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। इसके बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी छोटे-छोटे समूहों में वहां पहुंचने का प्रयास करते रहे, जबकि कई स्थानों पर स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन भी किए गए।
कांग्रेस ने भी दिया बंद को समर्थन
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि कांग्रेस ने राष्ट्रीय राजधानी में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में वंचित बहुजन आघाड़ी द्वारा बुलाए गए महाराष्ट्र बंद का समर्थन किया है।



