मध्य प्रदेशराज्य

ग्वालियर की सड़कों पर हाईकोर्ट सख्त, अब सैंपल बताएंगे निर्माण की हकीकत; घटिया काम मिला तो जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई

ग्वालियर: शहर की खराब सड़कों को लेकर हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने सड़कों की वास्तविक गुणवत्ता जांचने के लिए वैज्ञानिक तरीके से सैंपल लेने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि सड़क निर्माण निर्धारित मानकों के मुताबिक हुआ है या नहीं और अगर निर्माण में खामी मिली तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों, ठेकेदारों या एजेंसियों की पहचान की जा सके।

गुढ़ी-गुड़ा नाका से शुरू हुई सैंपलिंग

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद वकीलों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने गुरुवार से ग्वालियर की चिन्हित सड़कों से सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी। पहला सैंपल गुढ़ी-गुड़ा नाका क्षेत्र से लिया गया। टीम की मौजूदगी में मौके पर ही सड़क से निकाली गई निर्माण सामग्री को सील किया गया। ऐसी कई सड़कों से सैंपल लिए जाएंगे, जिन्हें क्षतिग्रस्त, धंसी हुई या बेहद खराब स्थिति में चिन्हित किया गया है।

हर सड़क से लिए जाएंगे चार सैंपल

जांच में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रत्येक चयनित सड़क से चार सैंपल लिए जाएंगे। इन सैंपलों को अलग-अलग प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजने की व्यवस्था की गई है। कुछ नमूनों की जांच लोक निर्माण विभाग की प्रयोगशाला में होगी, जबकि अन्य नमूनों को ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा की प्रयोगशाला में भेजा जाएगा।

सैंपलों का एक अलग सेट क्रॉस-वेरिफिकेशन के लिए किसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की स्वतंत्र प्रयोगशाला में भेजे जाने की संभावना है। जरूरत पड़ने पर बचे हुए नमूनों को भविष्य की जांच के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।

प्राइवेट लैब पर दबाव के आरोपों पर कोर्ट नाराज

सुनवाई के दौरान सड़क निर्माण की जांच में शामिल निजी प्रयोगशाला पर दबाव बनाने की कोशिश के आरोपों पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निर्माण की गुणवत्ता का आकलन केवल कागजी रिपोर्ट या सरकारी दावों के आधार पर नहीं किया जा सकता। सैंपल की वैज्ञानिक जांच से इस्तेमाल की गई सामग्री और निर्माण प्रक्रिया की गुणवत्ता के बारे में ठोस जानकारी सामने आएगी।

129 सड़कों की स्थिति पर नगर निगम ने दी रिपोर्ट

नगर निगम ने भी हाईकोर्ट में अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली 129 सड़कों को लेकर अनुपालन रिपोर्ट पेश की है। रिपोर्ट में नगर निगम की कुल 140.58 किलोमीटर लंबी सड़कों की स्थिति का विवरण दिया गया है। इसके मुताबिक 62 सड़कें पूरी तरह चालू हैं, जबकि 34 सड़कों पर मामूली नुकसान है। 24 सड़कें पूरी तरह खस्ताहाल बताई गई हैं। वहीं नौ सड़कों पर काम चल रहा है या उनके लिए काम प्रस्तावित है।

रिपोर्ट के अनुसार 28.06 किलोमीटर लंबी सड़कें बेहद खराब स्थिति में हैं और उन्हें तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। इसके अलावा कोर्ट को अन्य सरकारी विभागों और एजेंसियों के अधीन आने वाली 64 प्रमुख सड़कों की स्थिति की जानकारी भी दी गई। इनमें 15 सड़कें पूरी तरह खराब बताई गई हैं।

सड़कें धंसने और गड्ढों के बाद दायर हुई थी जनहित याचिका

ग्वालियर के अलग-अलग इलाकों में सड़कें धंसने, बड़े गड्ढे होने और सड़कों की खराब स्थिति की शिकायतों के बाद यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। इसके बाद जनहित याचिका दायर की गई और कई सुनवाई के बाद कोर्ट ने सड़कों की गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति जानने के लिए सैंपल आधारित जांच का निर्देश दिया।

अब सैंपल जांच की रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि सड़क निर्माण में किसी तरह की अनियमितता या घटिया काम हुआ है या नहीं। अगर जांच में निर्माण की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई तो संबंधित अधिकारियों, ठेकेदारों या एजेंसियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है। मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी, जिसमें कोर्ट सैंपलिंग की प्रगति की समीक्षा कर सकता है और आवश्यक रिपोर्ट तलब कर सकता है।

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