
झारखंड मुक्ति मोर्चा ने रद्द की गई परीक्षाओं को लेकर झारखंड हाई कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार का बचाव किया है। पार्टी ने कहा कि परीक्षाएं रद्द करने के सरकार के फैसले पर अदालत की ओर से रोक लगाए जाने के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक हेमलाल मुर्मू ने छात्रों से न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक धैर्य रखने की अपील की है। साथ ही उन्होंने भाजपा और कोचिंग माफिया पर छात्रों को भड़काकर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया।
अदालत के आदेश के बाद आंदोलन को नई दिशा देने का आरोप
हेमलाल मुर्मू ने शुक्रवार को हरमू स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अदालत का आदेश आने के बाद छात्रों के आंदोलन को नई दिशा देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुतला दहन जैसे कार्यक्रम भाजपा और कोचिंग माफिया के इशारे पर किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि भाजपा छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति कर रही है और जनता उसे इसका जवाब देगी। इस दौरान विधायक अनंत प्रताप देव भी मौजूद रहे।
परीक्षाएं रद्द करने के फैसले पर सरकार का बचाव
हेमलाल मुर्मू ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए जेएसएससी की सीजीएल और जेपीएससी की 21 परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। इसके बाद प्रभावित कर्मियों की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। अदालत ने सरकार के फैसले पर रोक लगाते हुए 15 दिनों के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ कई दौर की बातचीत के बाद भी जब समाधान नहीं निकला तो विशेष कैबिनेट की बैठक बुलाकर परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया गया था। ऐसे में अदालत के आदेश के बाद भी सरकार को दोषी ठहराना सही नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस संस्था के इशारे पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
परीक्षा मामले की सीआईडी जांच, दो दर्जन गिरफ्तार
हेमलाल मुर्मू ने बताया कि सभी परीक्षाओं से जुड़े मामलों की सीआईडी जांच चल रही है। अब तक करीब दो दर्जन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जांच की आंच आगे कितने लोगों तक पहुंचेगी, यह सीआईडी ही बता सकती है।
भाजपा के आरोपों पर JMM का पलटवार
विधायक अनंत प्रताप देव ने भाजपा के उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही के सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 130 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर पूरा राज्य जानता है कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने की मांग और सरकार के इसके लिए तैयार नहीं होने के सवाल पर झामुमो नेताओं ने जेपीएससी की पहली और दूसरी सिविल सेवा परीक्षा की सीबीआई जांच का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि उन जांचों का अब तक क्या परिणाम सामने आया। नेताओं ने दावा किया कि सरकार सीआईडी जांच पूरी पारदर्शिता के साथ कर रही है।
JMM की छात्रों से अपील, राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा न बनें
झामुमो नेताओं ने कहा कि सरकार छात्रों के हित में काम कर रही है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री ने छात्रों की मांगों से आगे बढ़कर फैसले लिए हैं, लेकिन अब मामला अदालत में है, इसलिए न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक इंतजार किया जाना चाहिए।
पार्टी ने छात्रों से अपील की कि वे किसी राजनीतिक दल के बहकावे में न आएं और अपने आंदोलन को किसी राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा न बनने दें।



