हरिद्वार: संत समाज के बीच आयोजित संवाद कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ के समर्थन में संकल्प लिया। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश में बार-बार होने वाले चुनाव राष्ट्र की उन्नति में बाधक बनते हैं। उनका कहना था कि लगातार चुनाव होने से विकास कार्य प्रभावित होते हैं और सरकारी धन भी खर्च होता है।
हरिद्वार के प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम में संत समागम के दौरान एक राष्ट्र-एक चुनाव को लेकर चर्चा हुई। संतों ने कहा कि हरिद्वार से शुरू हुए कई आंदोलन सफल रहे हैं और इस समागम के जरिए जो संदेश दिया गया है, उसके भी सफल होने की उम्मीद है। नया अखाड़ा के महामंडलेश्वर करौली शंकर महाराज ने कहा कि साधु-संत एक राष्ट्र-एक चुनाव के पक्ष में एकजुट हैं और इसका समर्थन करते हैं।
महामंडलेश्वर रूपेंद्र प्रकाश महाराज ने भी इसे देश की जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले चुनावों में जनता के कर के पैसे का इस्तेमाल होता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक राष्ट्र-एक चुनाव अभियान देशहित में है। उनके मुताबिक इससे देश के विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सभी मिलकर प्रधानमंत्री के इस संकल्प को पूरा करने की दिशा में काम करेंगे। संत समाज ने भी इस अभियान को अपना समर्थन देते हुए इसे जरूरी बताया।
कांग्रेस पर धामी का हमला
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दौरान कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 1937 के अपने अधिवेशन में मुस्लिम लीग के दबाव में वंदे मातरम् को बांटने का काम किया था। धामी ने कहा कि आज भी कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है।
उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् गाकर वीर शहीदों ने देश की आजादी की लड़ाई लड़ी और हजारों आंदोलनकारी शहीद हुए। धामी ने आरोप लगाया कि आज कांग्रेस वंदे मातरम् का अपमान कर रही है, जिसे लेकर उत्तराखंड और पूरे देश में रोष है।
बार-बार चुनाव राष्ट्र की उन्नति में बाधक: शिवराज
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश में एक राष्ट्र-एक चुनाव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव होने से विकास कार्य रुकते हैं और सरकारी धन का अपव्यय होता है। उनके मुताबिक लगातार चुनावों से जातिवाद और भाषावाद को भी बढ़ावा मिलता है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में प्रशासन के व्यस्त रहने से दूसरे काम प्रभावित होते हैं और बच्चों की शिक्षा पर भी असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं का समाधान एक राष्ट्र-एक चुनाव की व्यवस्था में है।
संत समाज जनता तक पहुंचाएगा संदेश
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देशभर के साधु-संतों ने एक राष्ट्र-एक चुनाव अभियान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि संत समाज इस विचार और इसके संदेश को जनता तक पहुंचाएगा।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार में साधु-संतों ने संकल्प लिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक राष्ट्र-एक चुनाव के संकल्प को पूरा करने में सहयोग किया जाएगा। शिवराज ने उम्मीद जताई कि जल्द ही देश की संसद एक राष्ट्र-एक चुनाव को लेकर निर्णय करेगी।
वंदे मातरम् पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने वंदे मातरम् के पूर्ण स्वरूप का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने इसे देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया। शिवराज ने कहा कि वंदे मातरम् किसी राजनीतिक दल या समुदाय का विषय नहीं है।
उन्होंने संत समाज से अपने प्रवचनों के जरिए लोगों में राष्ट्रभावना मजबूत करने की अपील की।
‘सिर्फ प्रवचन से नहीं चलेगा काम’
संत समागम में बाबा हठयोगी ने कहा कि संगठन से सत्ता आती है, लेकिन सत्ता से संगठन मजबूत नहीं होता। उन्होंने कहा कि यदि सत्ता से संगठन मजबूत होता तो कांग्रेस की मौजूदा स्थिति ऐसी नहीं होती।
बाबा हठयोगी ने कहा कि केवल प्रवचन करने से एक राष्ट्र-एक चुनाव का लक्ष्य हासिल नहीं होगा। इसके लिए अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि इस विचारधारा का समर्थन करने वाले लोगों को अधिक संख्या में संसद और विधानसभाओं तक पहुंचाना होगा, तभी संबंधित विधेयक को सर्वसम्मति से पारित कराकर लागू कराया जा सकेगा।




