प्रणेश एम ने हंगरी में जीता कानिज्सा ओपन का खिताब, 7 अंकों के साथ चार खिलाड़ियों को पछाड़कर बने चैंपियन

नई दिल्ली: भारतीय ग्रैंडमास्टर प्रणेश एम ने हंगरी में खेले गए प्रतिष्ठित कानिज्सा ओपन 2026 शतरंज टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया। नौ राउंड के इस मुकाबले में प्रणेश ने सात अंक हासिल किए और समान अंक वाले चार खिलाड़ियों के बीच बेहतर टाईब्रेक के आधार पर पहला स्थान हासिल किया।
आखिरी राउंड में जीत के साथ पक्का किया खिताब
प्रणेश ने रविवार को टूर्नामेंट के नौवें और अंतिम राउंड में जर्मनी के वादिम पेट्रोव्स्की के खिलाफ सफेद मोहरों से मुकाबला किया। उन्होंने इस बाजी में जीत दर्ज की और अपने कुल अंक सात तक पहुंचा दिए। अंतिम दौर के नतीजों के बाद खिताब की दौड़ बेहद रोमांचक हो गई थी, क्योंकि कई खिलाड़ी समान अंकों के साथ शीर्ष स्थान की दावेदारी में थे।
चार खिलाड़ियों के सात अंक, टाईब्रेक ने दिलाई जीत
नौ राउंड पूरे होने के बाद प्रणेश एम के अलावा इजराइल के ओर ब्रोंस्टीन, यूक्रेन के आंद्रेई वोलोकिटिन और भारत के कार्तिक वेंकटरमन ने भी सात-सात अंक हासिल किए। चारों खिलाड़ियों के बराबर अंक होने के कारण विजेता का फैसला टाईब्रेक से हुआ। बेहतर टाईब्रेक के आधार पर प्रणेश शीर्ष पर रहे और उन्होंने कानिज्सा ओपन 2026 की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
कार्तिक वेंकटरमन के पास भी था खिताब जीतने का मौका
कार्तिक वेंकटरमन के पास टूर्नामेंट को अकेले जीतने का अवसर था, लेकिन अंतिम राउंड में यूक्रेन के आंद्रेई वोलोकिटिन ने उन्हें ड्रॉ पर रोक दिया। दूसरी ओर, ओर ब्रोंस्टीन ने अपने हमवतन आईएम बेनी आइजेनबर्ग को हराकर सात अंक हासिल किए और शीर्ष समूह में जगह बनाई। इन परिणामों के कारण अंतिम दौर तक खिताब की जंग बेहद कड़ी बनी रही।
2673 रेटिंग वाले प्रणेश की शानदार उपलब्धि
प्रणेश एम की रेटिंग 2673 है और अगस्त 2026 की ताजा एफआईडीई रैंकिंग में वह 44वें स्थान पर हैं। तमिलनाडु के कराईकुडी से आने वाले प्रणेश ने पूरे टूर्नामेंट में लगातार मजबूत प्रदर्शन किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के बीच सात अंक हासिल करना और बेहतर टाईब्रेक के आधार पर खिताब जीतना उनकी इस उपलब्धि को खास बनाता है।
भारतीय खिलाड़ियों ने भी किया दमदार प्रदर्शन
कानिज्सा ओपन 2026 के ग्रुप ए में कुल 226 खिलाड़ी शामिल हुए। प्रणेश के अलावा नीलाश साहा ने 6.5 अंक हासिल कर 10वां स्थान प्राप्त किया। नीतीश बेलुरकर छह अंकों के साथ 20वें स्थान पर रहे, जबकि अजय संतोष पार्वथारेड्डी और भट्टाचार्य सोहम ने भी छह-छह अंक जुटाए और क्रमश: 21वें तथा 23वें स्थान पर रहे।
शीर्ष 23 में भारत के छह खिलाड़ी
टूर्नामेंट की अंतिम तालिका में भारतीय खिलाड़ियों ने शीर्ष 23 में छह स्थान हासिल किए। यह प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्तर के ओपन टूर्नामेंट में भारतीय शतरंज खिलाड़ियों की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाता है।
प्रणेश की जीत पर हंगरी स्थित भारतीय दूतावास ने भी उन्हें बधाई दी। इस उपलब्धि को वैश्विक मंच पर भारतीय शतरंज प्रतिभा के प्रभावशाली प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। हंगरी में मिली यह सफलता प्रणेश के शतरंज करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गई है।



