हवा और सूरज के बाद समुद्र से बनेगी बिजली! चीन ने तैयार किया 6000 टन का खास वेव एनर्जी कन्वर्टर

नई दिल्ली: अब तक बिजली उत्पादन के लिए सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा पर सबसे ज्यादा जोर दिया जाता रहा है, लेकिन वैज्ञानिक समुद्र की लहरों में मौजूद ऊर्जा का इस्तेमाल कर बिजली बनाने की दिशा में भी तेजी से काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में वेव एनर्जी कन्वर्टर यानी डब्ल्यूईसी नाम की खास डिवाइस विकसित की गई है, जो समुद्र की लहरों की गति को विद्युत ऊर्जा में बदल सकती है। चीन में इस तकनीक पर बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है।
समुद्र की लहरों से ऐसे तैयार होती है बिजली
समुद्र में उठने वाली लहरों के ऊपर-नीचे होने की प्रक्रिया में काफी ऊर्जा मौजूद होती है। वेव एनर्जी कन्वर्टर इसी ऊर्जा को उपयोग में लाने का काम करता है। इस उपकरण का एक हिस्सा लहरों के साथ गति करता है और इस गति को यांत्रिक या हाइड्रोलिक प्रणाली के जरिए जनरेटर तक पहुंचाया जाता है, जहां बिजली का उत्पादन होता है।
डब्ल्यूईसी के डिजाइन अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ उपकरणों में लहरों की गति से टर्बाइन घुमाई जाती है, जबकि कुछ में पानी के साथ ऊपर-नीचे या आगे-पीछे होने वाली संरचना का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि डिजाइन चाहे जैसा हो, सभी का उद्देश्य समुद्र की लहरों में मौजूद ऊर्जा को बिजली में बदलना है।
चीन ने तैयार किया 6000 टन का बड़ा उपकरण
चीन में वेव एनर्जी कन्वर्टर तकनीक को लेकर काफी काम किया गया है। इसी प्रयास में नानकुन नाम का एक बड़ा उपकरण भी शामिल है। इसका वजन करीब 6,000 टन बताया गया है। इसकी एक दिन में 24,000 किलोवाट-घंटे तक बिजली पैदा करने की क्षमता बताई गई है।
इस उत्पादन क्षमता को करीब 3,500 घरों की रोजाना बिजली खपत के बराबर बताया गया है। इस बड़ी क्षमता के चलते समुद्र की लहरों से बिजली उत्पादन की तकनीक को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हुई है। अभी तक स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सौर और पवन ऊर्जा पर ज्यादा ध्यान दिया जाता रहा है, लेकिन समुद्र की लहरों में मौजूद ऊर्जा भी एक संभावित विकल्प के तौर पर सामने आ रही है।
सौर और पवन ऊर्जा से कितनी अलग है वेव एनर्जी
सौर पैनल बिजली बनाने के लिए सूर्य की रोशनी पर निर्भर करते हैं, जबकि पवन टर्बाइन हवा की गति का इस्तेमाल करती हैं। इसके विपरीत वेव एनर्जी कन्वर्टर समुद्र की लहरों की लगातार होने वाली गति से ऊर्जा हासिल करता है। समुद्र का पानी हवा की तुलना में काफी भारी होता है, इसलिए लहरों में बड़ी मात्रा में ऊर्जा मौजूद हो सकती है।
हालांकि समुद्र की लहरों से बिजली बनाना आसान नहीं है। इसके लिए उपयुक्त स्थान, प्रभावी डिजाइन और समुद्री परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम मजबूत प्रणाली की जरूरत होती है। तकनीक को व्यावहारिक और बड़े स्तर पर उपयोगी बनाने के लिए इन सभी पहलुओं पर काम करना जरूरी है।
भविष्य में समुद्र बन सकता है स्वच्छ ऊर्जा का बड़ा स्रोत
चीन में वेव एनर्जी कन्वर्टर तकनीक को लगातार बेहतर बनाने का काम जारी है। अगर यह तकनीक बड़े स्तर पर सफल होती है और व्यावसायिक रूप से उपयोगी साबित होती है, तो आने वाले समय में समुद्र भी स्वच्छ ऊर्जा का एक बड़ा स्रोत बन सकता है। ऐसे में बिजली उत्पादन के लिए सूरज और हवा के साथ समुद्र की लहरों की ऊर्जा पर भी दुनिया की नजर होगी।



