कोहली को सचिन से बेहतर बताकर घिरे डिविलियर्स ने तोड़ी चुप्पी, बोले- मेरे बयान से थोड़ा कन्फ्यूजन हुआ

नई दिल्ली: विदेशी परिस्थितियों में विराट कोहली को सचिन तेंदुलकर से बेहतर टेस्ट बल्लेबाज बताने वाले दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज एबी डिविलियर्स अब अपने बयान पर सफाई देने सामने आए हैं। डिविलियर्स के बयान के बाद क्रिकेट प्रशंसकों के बीच बहस छिड़ गई थी और उन्हें सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा था। अब उन्होंने कहा है कि उनके बयान को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और वह सिर्फ अपनी राय बता रहे थे।
डिविलियर्स ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि विराट और सचिन को लेकर उनके बयान से कुछ भ्रम पैदा हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी महान बल्लेबाज को खारिज करना नहीं था। उनके मुताबिक, सचिन तेंदुलकर का टेस्ट रिकॉर्ड विराट कोहली से बेहतर है, लेकिन उनकी राय केवल आंकड़ों पर आधारित नहीं थी।
क्या कहा था डिविलियर्स ने?
डिविलियर्स ने इससे पहले कहा था कि विदेशी और उछाल वाली पिचों पर सचिन तेंदुलकर ने शानदार बल्लेबाजी की, लेकिन विराट कोहली ने इसे एक अलग स्तर तक पहुंचाया। खासतौर पर उन्होंने तेज और छोटी गेंदों का सामना करने में कोहली की क्षमता का उल्लेख किया था।
अब सफाई देते हुए डिविलियर्स ने कहा कि सचिन भारत के लिए बदलाव की शुरुआत करने वाले खिलाड़ियों में सबसे आगे थे। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को यह दिखाया कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के लिए किस तरह की तैयारी और मानसिकता जरूरी होती है।
उन्होंने कहा कि कोहली ने छोटी गेंदों के खिलाफ शानदार तरीके से खेलकर भारतीय बल्लेबाजी में एक अलग आयाम दिखाया और विदेशी परिस्थितियों में सफल होने का अपना तरीका विकसित किया।
सोशल मीडिया पर शुरू हो गया था विवाद
डिविलियर्स के बयान के बाद सोशल मीडिया पर सचिन और कोहली के प्रशंसकों के बीच बहस तेज हो गई थी। भारत के पूर्व तेज गेंदबाज डोडा गणेश ने भी डिविलियर्स की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी।
हालांकि, अब डिविलियर्स ने सचिन और कोहली की सीधी तुलना से बचते हुए विराट की उपलब्धियों और उनके करियर के संघर्षों की तारीफ की है। उन्होंने खास तौर पर 2014 के इंग्लैंड दौरे में खराब प्रदर्शन के बाद कोहली की वापसी का जिक्र किया।
सचिन और कोहली के टेस्ट आंकड़ों में कितना अंतर?
सचिन तेंदुलकर ने अपने टेस्ट करियर में 200 मुकाबले खेले और 15,921 रन बनाए। वह 51 टेस्ट शतक लगाने वाले इकलौते बल्लेबाज हैं। विदेश में सचिन के नाम 8,705 टेस्ट रन दर्ज हैं।
वहीं 37 वर्षीय विराट कोहली ने 123 टेस्ट मैचों में 9,230 रन बनाए और उनके नाम 30 शतक हैं। भारत के बाहर उन्होंने 66 टेस्ट मैचों में 4,774 रन बनाए। कोहली पिछले साल टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और अब भारतीय टीम के लिए केवल एकदिवसीय क्रिकेट खेलते हैं।
‘सचिन जैसा रिकॉर्ड नहीं, लेकिन आंकड़े ही सब कुछ नहीं’
डिविलियर्स ने कहा कि आंकड़ों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि विदेशी परिस्थितियों में कोहली का रिकॉर्ड सचिन जितना मजबूत नहीं रहा, खासकर इंग्लैंड में जहां उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। इसके बावजूद उनका मानना है कि कोहली ने विदेशी परिस्थितियों में सफल होने के लिए आत्मविश्वास और संतुलित क्रिकेट का प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि कोहली ने अपने आसपास मौजूद कई युवा खिलाड़ियों को प्रेरित किया और सचिन से सीखी चीजों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाया। डिविलियर्स के मुताबिक, कोहली का रिकॉर्ड सचिन जितना बेहतर नहीं है, लेकिन हर चीज को केवल आंकड़ों के नजरिए से नहीं देखा जा सकता।
डिविलियर्स ने विराट की फिटनेस, उदाहरण पेश करने की क्षमता और हरफनमौला खेल के प्रति उनके नजरिए की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए इसी तरह की सोच और अनुशासन से सीखना चाहिए।



