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अर्जेंटीना ने भारत को 5-3 से हराया, विश्व कप से बाहर टीम इंडिया; सेमीफाइनल की उम्मीदों के साथ खिताब का सपना भी टूटा

नई दिल्ली: पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 में भारतीय टीम का अभियान अर्जेंटीना के खिलाफ 3-5 की हार के साथ समाप्त हो गया। दूसरे दौर के इस अहम मुकाबले में भारत को जीत की जरूरत थी, लेकिन शुरुआत में दो गोल से पिछड़ने के बाद टीम पूरे मैच में दबाव से पूरी तरह बाहर नहीं निकल सकी। इस हार के साथ भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद खत्म हो गई और विश्व कप जीतने का सपना भी अधूरा रह गया।

शुरुआत में ही दो गोल से पिछड़ा भारत

अर्जेंटीना ने मुकाबले की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की। मैच के 40वें सेकंड में तोस्कानी ने मैदानी गोल कर भारत को शुरुआती झटका दिया। इसके बाद सातवें मिनट में निकोलस डेला टोरी ने पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदल दिया। अर्जेंटीना की बढ़त 2-0 होते ही भारतीय टीम शुरुआती दौर में ही रणनीतिक दबाव में आ गई।

भारत ने 10वें मिनट में सुखजीत सिंह के मैदानी गोल से वापसी की कोशिश की। इस गोल ने भारतीय टीम को मुकाबले में लौटने का मौका दिया, लेकिन अर्जेंटीना ने अपनी मजबूत रक्षापंक्ति और तेज आक्रमण के दम पर दबाव बनाए रखा। भारतीय खिलाड़ियों की पासिंग में हुई गलतियां और टैकल में चूक कई मौकों पर टीम पर भारी पड़ी।

गेंद पर कब्जा बढ़ाया, लेकिन गोल नहीं कर सका भारत

दूसरे और तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने गेंद पर अपना नियंत्रण बेहतर करने की कोशिश की। आक्रमण को मजबूत करते हुए टीम ने कई बार अर्जेंटीना के घेरे में पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन इन हमलों को गोल के अवसरों में बदलने में अपेक्षित सफलता नहीं मिली।

अर्जेंटीना के डिफेंस ने भारतीय हमलों को रोकने के साथ जवाबी हमलों में भी प्रभावी प्रदर्शन किया। भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह रही कि गेंद पर नियंत्रण के बावजूद वह निर्णायक मौकों पर गोल नहीं कर सकी।

चार पेनाल्टी कॉर्नर भी नहीं बना सके गोल

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह के पास टीम को बराबरी पर लाने का अहम मौका था। 34वें मिनट में भारत को लगातार चार पेनाल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन इनमें से कोई भी अवसर गोल में नहीं बदला। अर्जेंटीना की रक्षापंक्ति ने लगातार दबाव के बावजूद स्थिति को संभाले रखा।

इस दौरान जुगराज की गैरमौजूदगी का असर भारत की पेनाल्टी कॉर्नर रणनीति पर भी दिखाई दिया। अहम मौके गंवाने के बाद भारत की मुश्किलें और बढ़ गईं।

डोमेने के गोल से अर्जेंटीना ने मजबूत की पकड़

इसके बाद अर्जेंटीना ने अपनी बढ़त और मजबूत कर ली। डोमेने ने भारतीय गोलकीपर मोहित के अच्छे बचाव के बावजूद गोल कर दिया। इसके बाद यशदीप के फाउल पर मिले पेनाल्टी स्ट्रोक को भी डोमेने ने गोल में बदल दिया।

भारतीय टीम ने अंतिम क्वार्टर में दो गोल कर अंतर कम करने की कोशिश की, लेकिन तब तक मुकाबला अर्जेंटीना के पक्ष में काफी आगे निकल चुका था। भारत के पास वापसी के लिए समय और मौके दोनों सीमित रह गए।

दूसरे दौर में भी भारत को नहीं मिली जीत

भारत के लिए विश्व कप का दूसरा दौर बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। इससे पहले टीम को नीदरलैंड के खिलाफ 1-3 से हार का सामना करना पड़ा था। वहीं पहले दौर में इंग्लैंड के खिलाफ मिली हार के कारण भारत दूसरे चरण में कोई अंक साथ लेकर नहीं पहुंच सका था। दूसरे दौर में भी भारतीय टीम अंक हासिल करने में नाकाम रही।

रक्षात्मक चूक और पेनाल्टी कॉर्नर की नाकामी बनी बड़ी वजह

अर्जेंटीना के खिलाफ हार ने भारतीय टीम की कई कमजोरियों को उजागर किया। शुरुआती रक्षात्मक चूक के अलावा पेनाल्टी कॉर्नर के मौकों को गोल में बदलने में नाकामी और निर्णायक क्षणों में फिनिशिंग की कमी टीम पर भारी पड़ी।

हालांकि भारत ने मुकाबले के कई चरणों में गेंद पर नियंत्रण बनाया और वापसी की कोशिश भी की, लेकिन निर्णायक मौकों पर अर्जेंटीना अधिक प्रभावी साबित हुआ। विश्व कप से बाहर होने के बाद अब भारतीय टीम के सामने अपने प्रदर्शन की समीक्षा कर कमियों को दूर करने की चुनौती होगी।

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