
नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत इन दिनों अमेरिका दौरे पर हैं। संघ के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित ‘वैश्विक संपर्क कार्यक्रम’ के तहत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित मैडिसन स्क्वायर गार्डन में उनका संबोधन होगा। कार्यक्रम में करीब 5 हजार लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजन की थीम ‘वैश्विक सौहार्द और सार्वभौमिक एकता का उत्सव’ रखी गई है।
भागवत के संबोधन से पहले ही कार्यक्रम को लेकर भारत और अमेरिका में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। सबकी नजर इस बात पर है कि मैडिसन स्क्वायर गार्डन के मंच से भागवत किन मुद्दों पर अपनी बात रखते हैं और संघ के 100 साल के सफर के साथ भविष्य की दिशा को लेकर क्या संदेश देते हैं।
अखिलेश यादव ने आयोजन को लेकर उठाए सवाल
कार्यक्रम से पहले आयोजक ‘अहेड फोरम’ के एक्स खाते के कुछ समय के लिए बंद होने को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर मोहन भागवत और संघ पर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विदेशों में जब ‘पंजीकृत नहीं और भूमिगत’ लोग उभरकर सामने आएंगे तो उनके एक्स खाते बंद किए ही जाएंगे।
अखिलेश यादव ने संघ से 21 सवाल भी पूछे। उन्होंने सवाल किया कि स्वदेशी का नारा देने वाले संगठन के प्रमुख विदेश क्यों गए हैं? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या वह वहां सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने गए हैं या फिर भविष्य में राजनीतिक संरक्षण तलाशने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि, कुछ समय बाद ‘अहेड फोरम’ का एक्स खाता फिर बहाल हो गया। संस्था ने दावा किया कि विरोधियों की ओर से किए गए बॉट हमले के कारण एल्गोरिदम प्रभावित हुआ और इसी वजह से उसका खाता अस्थायी रूप से बंद हुआ था।
कर्नाटक में संघ के मार्च को लेकर भी विवाद
मोहन भागवत के अमेरिका दौरे के बीच कर्नाटक में संघ के मार्च में सरकारी शिक्षकों के शामिल होने को लेकर भी विवाद सामने आया है। सरकारी शिक्षक अन्ना साहेब देशमुख और गुरुराज जोशी को निलंबित किया गया है।
राज्य के मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि किसी गैर-पंजीकृत संगठन के कार्यक्रम में सरकारी कर्मचारियों का शामिल होना नियमों के खिलाफ है। वहीं, विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष सी. नारायणस्वामी ने सरकार पर बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
उनका कहना है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कोई राजनीतिक दल नहीं है और देश का कोई भी नागरिक देशभक्त संगठन से जुड़ सकता है।
न्यूयॉर्क के मेयर ने कार्यक्रम पर जताया विरोध
मोहन भागवत के कार्यक्रम को लेकर न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले कार्यक्रम का समर्थन नहीं करने की बात कही।
हालांकि, कार्यक्रम को रद्द करने या विरोध प्रदर्शनों से जुड़े सवाल पर ममदानी ने कहा कि यह एक निजी आयोजन है। ऐसे में इसे रद्द करने का अधिकार या क्षेत्राधिकार संभवत: नगर प्रशासन के पास नहीं है।
समर्थन में भी सामने आईं कई आवाजें
दूसरी ओर, जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी समेत कई प्रमुख हस्तियों ने आयोजन का समर्थन किया है। भागवत के न्यूयॉर्क पहुंचने के साथ ही उनके संबोधन को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर अमेरिका की धरती से मोहन भागवत भारत और दुनिया के सामने कौन सा संदेश रखते हैं।



