उत्तर प्रदेशराज्य

यूपी में श्रमिकों के लिए बड़ी सौगात! अब लेबर अड्डों पर सिर्फ 5-10 रुपये में मिलेगा भरपेट भोजन

लखनऊ: तमिलनाडु की अम्मा कैंटीन की तर्ज पर अब उत्तर प्रदेश में भी श्रमिकों को बेहद कम कीमत पर भोजन उपलब्ध कराने की तैयारी है। योगी आदित्यनाथ सरकार लेबर अड्डों पर श्रमिक सुविधा केंद्र स्थापित करेगी, जहां श्रमिकों को पांच से दस रुपये में नाश्ता और भोजन की थाली मिल सकेगी। सरकार की इस योजना का लाभ उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत 1.95 करोड़ श्रमिकों को मिलने की उम्मीद है।

सितंबर में 13 लेबर अड्डों पर शुरू होगी कवायद
विधानसभा चुनाव से पहले सरकार सात नगर निगम क्षेत्रों के 13 लेबर अड्डों पर श्रमिक सुविधा केंद्रों के निर्माण का शिलान्यास करने जा रही है। इन केंद्रों पर सस्ते भोजन के साथ श्रमिकों को कई अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार विभिन्न योजनाओं के जरिए अलग-अलग वर्गों तक पहुंच बनाने की दिशा में काम कर रही है और इसी कड़ी में निर्माण श्रमिकों के लिए यह पहल की जा रही है।

सुविधा केंद्रों में मिलेंगी कई जरूरी सुविधाएं
लेबर अड्डों पर बनने वाले श्रमिक सुविधा केंद्रों में बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा श्रमिकों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए अलग काउंटर बनाए जाएंगे। केंद्रों पर कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था भी किए जाने की योजना है।

इन सात शहरों के 13 अड्डों पर मिली जमीन
श्रम विभाग ने प्रदेश के विभिन्न शहरों में सुविधा केंद्र बनाने के लिए लेबर अड्डों का चयन कर लिया है। जिलाधिकारियों से इनके निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने को कहा गया था। श्रम मंत्री अनिल राजभर के मुताबिक गाजियाबाद, झांसी, मुरादाबाद, लखनऊ, मेरठ, गोरखपुर और वाराणसी नगर निगम क्षेत्रों में 13 लेबर अड्डों के पास जमीन उपलब्ध हो चुकी है।

गाजियाबाद में तीन, झांसी में दो, मुरादाबाद में दो, लखनऊ में एक, मेरठ में तीन, गोरखपुर में दो और वाराणसी में एक लेबर अड्डे के पास सुविधा केंद्र के निर्माण के लिए जमीन मिली है। इन स्थानों पर अगले महीने शिलान्यास कार्यक्रम प्रस्तावित है।

इसी साल कैंटीन शुरू करने की तैयारी
श्रम मंत्री ने बताया कि सरकार इसी वर्ष इन केंद्रों में कैंटीन शुरू करने का प्रयास कर रही है। यहां भोजन की थाली पांच से दस रुपये में उपलब्ध कराने की योजना है। श्रमिक सुविधा केंद्रों का निर्माण तीन मंजिल तक किया जा सकेगा।

अम्मा कैंटीन की तर्ज पर पहल
तमिलनाडु की तत्कालीन मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने अम्मा कैंटीन की शुरुआत की थी। इन कैंटीन में श्रमिकों, गरीबों और छात्रों समेत जरूरतमंद लोगों को कम कीमत पर भोजन उपलब्ध कराया जाता था। इसी तरह की कैंटीन गुजरात, महाराष्ट्र समेत कई अन्य राज्यों में भी संचालित हैं।

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