जिलाधिकारी अस्मिता लाल की अध्यक्षता में जिला उद्योग बंधु एवं निवेश मित्र पोर्टल की बैठक
निवेश से रोजगार तक: उद्योगों के विस्तार की जमीन तैयार कर रहा बागपत
Baghpat News: जिले में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और उद्यमियों के लिए सुविधाजनक माहौल तैयार करने के लिए जिला प्रशासन ने औद्योगिक क्षेत्रों की मूलभूत व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया है। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अस्मिता लाल की अध्यक्षता में हुई जिला उद्योग बंधु एवं निवेश मित्र पोर्टल की समीक्षा बैठक में सड़क, बिजली, पानी, जलनिकासी, पार्किंग, यातायात, श्रमिक सुविधाओं, ईएसआईसी, औद्योगिक भूमि और नए औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को उद्यमियों की समस्याओं का आपसी समन्वय से समयबद्ध समाधान कराने के निर्देश दिए।
कुल 934 आवेदन प्राप्त होने की जानकारी
निवेश मित्र पोर्टल की समीक्षा में जिले में कुल 934 आवेदन प्राप्त होने की जानकारी दी गई, जिनमें 825 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 55 आवेदन निरस्त हुए हैं। जिलाधिकारी ने निवेश से जुड़े प्रकरणों में विभागीय स्तर पर तेजी लाने और उद्यमियों को अनुमतियों के लिए अनावश्यक परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क और आवागमन की सुविधा को लेकर भी महत्वपूर्ण कार्रवाई सामने आई। बड़ौत औद्योगिक क्षेत्र की आंतरिक गलियों की सड़कों का मामला उठने पर बताया गया कि दिल्ली-सहारनपुर रोड से खालिद की फैक्ट्री तक सड़क निर्माण के लिए ई-निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 14 अगस्त 2026 को संबंधित फर्म को कार्यादेश जारी किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने कार्य शीघ्र शुरू कर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए। औद्योगिक क्षेत्र में ईंटों से लदे ट्रकों के व्यवस्थित खड़े होने की व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बिजली और पानी की सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर
उद्योगों के लिए बिजली और पानी की सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर रहा। बड़ौत औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित होने और फाल्ट के निस्तारण में देरी से उत्पादन प्रभावित होने के विषय पर चर्चा हुई विद्युत लाइनों के आसपास पेड़ों की छंटाई के संबंध में बताया गया कि संबंधित क्षेत्र में यह कार्य कराया जा चुका है। वहीं हेल्थ केयर प्रोडक्ट ट्योढी का विद्युत संयोजन भी चालू करा दिया गया है। बागपत औद्योगिक क्षेत्र में पानी की टंकी चालू कराने के लिए डीपीआर की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
पार्किंग समस्या के स्थायी समाधान की पहल
बड़ौत शहर की पार्किंग समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में भी पहल की गई है। उद्यमियों की मांग पर जिलाधिकारी ने एसडीएम बड़ौत, जिला पंचायत और नगर पालिका को संयुक्त रूप से सर्वे कर मल्टीलेवल पार्किंग की फिजिबिलिटी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिला पंचायत की भूमि के स्थलीय निरीक्षण में करीब 10 से 12 वाहनों के खड़े होने की जगह मिली, जिसे शहर की पार्किंग जरूरतों के लिए पर्याप्त नहीं माना गया। ऐसे में बड़े और दीर्घकालिक पार्किंग समाधान की संभावना तलाशने पर जोर दिया गया। बड़ौत शहर में अतिक्रमण के कारण आवागमन में होने वाली परेशानी का मुद्दा भी उठाया गया। जिलाधिकारी ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के निर्देश दिए। इससे शहर के आवागमन को सुगम बनाने और उपलब्ध पार्किंग का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में काम आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
श्रमिकों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान
श्रमिकों की सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी बैठक में विशेष ध्यान दिया गया। लघु उद्योग भारती खेकड़ा की ओर से बताया गया कि कई कार्मिको का कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में पंजीकरण कराया गया है, लेकिन उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिलाधिकारी ने सहायक श्रम आयुक्त को ईपीएफओ से पत्राचार कर मामले का समाधान कराने के निर्देश दिए। औद्योगिक क्षेत्र में ईएसआईसी डिस्पेंसरी शुरू कराने और डीसीबीओ की स्थापना के लिए उपलब्ध भूमि का उपयोग करने का विषय भी उठाया गया। उद्यमियों ने निवाड़ा गांव में एनआईएएच के बराबर स्थित करीब 5500 वर्गमीटर यूपीसीडा भूमि को ईएसआईसी के डीसीबीओ के लिए उपयोगी बताते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की। भूमि से संबंधित अभिलेखों और उपलब्ध विवरणों का उल्लेख करते हुए इसे ईएसआईसी को उपलब्ध कराने की कार्रवाई शुरू कराने का अनुरोध किया गया, ताकि डीसीबीओ का निर्माण आगे बढ़ सके।
महिलाओं के लिए शौचालय की सुविधा
औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों, विशेषकर महिला श्रमिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए श्रमिक सुविधा केंद्र स्थापित करने का सुझाव भी दिया गया। इसके अलावा हाईवे पर महिलाओं के लिए शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित मामले में एनएचएआई से समन्वय कर समाधान कराने के निर्देश दिए। औद्योगिक क्षेत्रों की जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया। बागपत औद्योगिक क्षेत्र से होकर गुजरने वाले सिंचाई विभाग के नाले की सफाई का मामला सामने आया। उद्यमियों ने बताया कि नाले की नियमित सफाई न होने से गंदा पानी जमा रहता है। इसी तरह मुख्य सड़क पर एनएचएआई की ओर से अधूरे छोड़े गए नाले के कारण औद्योगिक क्षेत्र के गेट पर पानी जमा होने की समस्या का भी समाधान कराने की मांग रखी गई। संबंधित विभागों के समन्वय से जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने पर जोर दिया गया।
कब्रिस्तान की भूमि पैमाइश और सीमांकन का मामला
बैठक में कब्रिस्तान की भूमि की पैमाइश और सीमांकन का मामला भी रखा गया। यूपीसीडा के अधिकारियों के अनुसार पैमाइश की जा चुकी है, जबकि चिन्हांकन की कार्रवाई शेष है। जिलाधिकारी ने एसडीएम/तहसीलदार बागपत को भूमि का चिन्हांकन कर सूचना परियोजनाधिकारी यूपीसीडा को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। औद्योगिक इकाइयों से जुड़े अन्य मामलों में विद्युत भार के अनुरूप शुल्क निर्धारण तथा आकृति ज्वैलक्राफ्ट्ज बागपत की ओर से वन विभाग के नोटिस का प्रकरण भी रखा गया। संबंधित अधिकारियों को मामलों का परीक्षण कर नियमानुसार समाधान की दिशा में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, जीएमडीआईसी राजेंद्र सिंह ,उद्योग सहायक आयुक्त विशाल त्यागी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।



