उत्तराखंडराज्य

अग्निवीरों को उत्तराखंड की सरकारी नौकरियों में बड़ी राहत की तैयारी, लिखित-फिजिकल टेस्ट से मिल सकती है छूट; भर्ती नियम बदलने की कवायद तेज

देहरादून: उत्तराखंड में पूर्व-अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में भर्ती के दौरान बड़ी राहत देने की तैयारी चल रही है। राज्य सरकार उन्हें लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा से छूट देने के प्रस्ताव पर काम कर रही है। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन को पत्र भेजकर पूर्व-अग्निवीरों के लिए विशेष प्रावधान करने और इसके लिए भर्ती नियमों में जरूरी संशोधन की सिफारिश की है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से पूर्व-अग्निवीरों की भर्ती से जुड़े नियमों में बदलाव के साथ रिक्त पदों का विस्तृत ब्योरा भी मांगा है।

सेना की कठिन ट्रेनिंग को बनाया आधार

केंद्रीय गृह मंत्रालय का तर्क है कि पूर्व-अग्निवीर पहले ही सेना की कठिन भर्ती प्रक्रिया से गुजर चुके होते हैं और उन्हें कठोर सैन्य प्रशिक्षण भी प्राप्त होता है। ऐसे युवाओं में अनुशासन, शारीरिक दक्षता और आवश्यक कौशल पहले से विकसित होते हैं।

सेना में सेवा पूरी करने के बाद उनके पास सुरक्षा और अनुशासन से जुड़े काम का व्यावहारिक अनुभव भी रहता है। इसी को देखते हुए राज्य की नागरिक सेवाओं और सुरक्षा बलों में उन्हें अपेक्षाकृत तेजी से समायोजित करने की संभावना जताई गई है। इसी आधार पर भर्ती प्रक्रिया के कुछ चरणों में पूर्व-अग्निवीरों को छूट देने की सिफारिश की गई है।

भर्ती नियम बदलकर कैबिनेट में लाया जाएगा प्रस्ताव

केंद्र की ओर से अनुरोध मिलने के बाद उत्तराखंड सरकार ने इस दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, कार्मिक विभाग अन्य संबंधित विभागों के साथ इस मामले पर विचार-विमर्श कर रहा है। पूर्व-अग्निवीरों की नियुक्ति से जुड़े मौजूदा भर्ती नियमों में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।

नियमों में संशोधन का प्रस्ताव तैयार होने के बाद इसे राज्य मंत्रिमंडल के सामने रखा जाएगा। सचिव कार्मिक शैलेश बगौली के अनुसार, केंद्र के अनुरोध के बाद शासन स्तर पर नई व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इन ग्रुप-C पदों पर पहले से मिल रहा आरक्षण

उत्तराखंड में पूर्व-अग्निवीरों को कई ग्रुप-C पदों पर पहले से आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। इनमें पुलिस आरक्षी, उपनिरीक्षक, बंदी रक्षक, वन आरक्षी, आबकारी सिपाही और सचिवालय रक्षक के पद शामिल हैं।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भारतीय रिजर्व बटालियन, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, वन्यजीव रक्षक और खनन रक्षक के पदों पर भी 20 प्रतिशत आरक्षण का लाभ देने की व्यवस्था जल्द लागू करने पर जोर दिया है।

केंद्र ने मांगा रिक्त पदों का विस्तृत ब्योरा

पूर्व-अग्निवीरों के लिए प्रस्तावित भर्ती व्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए गृह मंत्रालय ने उत्तराखंड सरकार से रिक्त पदों का पूरा विवरण मांगा है। राज्य सरकार को इसके लिए निर्धारित प्रारूप भी उपलब्ध कराया गया है।

इस प्रारूप में महीनेवार, पदवार और श्रेणीवार रिक्तियों की जानकारी देनी होगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सेना से सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के आने वाले नए बैच को भी इसका लाभ मिलने की संभावना होगी।

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