
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल खरकट्टा से कोडेकेला पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 6 करोड़ 30 लाख 81 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
स्वीकृत परियोजना के तहत 6.20 किलोमीटर लंबी सड़क का पुल-पुलिया सहित निर्माण किया जाएगा। इस सड़क के बनने से ग्रामीण क्षेत्रों की मुख्य मार्गों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी और क्षेत्रवासियों को पूरे वर्ष सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। खासकर बरसात के दौरान आवागमन में होने वाली परेशानियों को दूर करने में पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण अहम भूमिका निभाएगा।
राज्य सरकार ग्रामीण इलाकों तक मजबूत सड़क नेटवर्क पहुंचाने को प्राथमिकता दे रही है। बेहतर सड़क संपर्क से गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और व्यापार जैसी जरूरी सेवाओं तक लोगों की पहुंच भी आसान होती है। सड़क नेटवर्क मजबूत होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ विकास की संभावनाएं भी बढ़ती हैं।
कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच होगी आसान
खरकट्टा-कोडेकेला मार्ग के निर्माण से क्षेत्र के किसानों को अपनी कृषि उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी। विद्यार्थियों के लिए शिक्षण संस्थानों तक आवागमन आसान होगा, जबकि मरीजों और उनके परिजनों को स्वास्थ्य केंद्रों तथा अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी। सड़क बनने से स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण से बरसात के मौसम में जलभराव और मार्ग बाधित होने जैसी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है। इससे ग्रामीणों को पूरे वर्ष बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी और गांवों का आसपास के प्रमुख क्षेत्रों से संपर्क और मजबूत होगा।
क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जताया आभार
खरकट्टा से कोडेकेला मार्ग के निर्माण को मिली मंजूरी पर क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से लंबे समय से आवागमन से जुड़ी समस्याओं का समाधान होगा और लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिल सकेगी।
क्षेत्रवासियों के मुताबिक सड़क निर्माण से आवागमन सुगम होने के साथ कृषि, व्यापार, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी और लोगों का जीवन अधिक सुगम एवं सुविधाजनक होगा।



