MP में आज बारिश का बड़ा अलर्ट! 19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, ग्वालियर-चंबल के 6 जिलों में स्कूल बंद

भोपाल: मध्यप्रदेश में मानसून का असर अब उत्तर और मध्य हिस्सों में ज्यादा देखने को मिलेगा। पूर्वी हिस्से में लगातार बारिश के बाद सक्रिय हुआ मौसमी तंत्र अब ग्वालियर-चंबल की तरफ बढ़ गया है। मौसम विभाग ने शनिवार को 19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। श्योपुर और शिवपुरी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, सागर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा और मंदसौर में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
ग्वालियर-चंबल में अगले दो दिन बारिश का ज्यादा असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 5 और 6 सितंबर को सक्रिय मौसमी तंत्र का असर ग्वालियर-चंबल, सागर और उज्जैन संभाग के कई जिलों में देखने को मिलेगा। इसके बाद 7 और 8 सितंबर को भी कुछ इलाकों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। हालांकि इस दौरान इंदौर में तेज बारिश के आसार कम हैं।
लगातार बारिश के बीच 7 जिलों में स्कूल बंद
बारिश के चलते कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हैं। विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने 5 सितंबर को कई जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला लिया है। मुरैना में सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। श्योपुर में नर्सरी से 12वीं तक के स्कूल बंद किए गए हैं। शिवपुरी में सभी शैक्षणिक संस्थान और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। गुना में नर्सरी से 12वीं तक के स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद किए गए हैं। भिंड में नर्सरी से 8वीं तक की छुट्टी है। ग्वालियर में भी नर्सरी से 8वीं तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। वहीं रायसेन में सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रखने की घोषणा की गई है।
30 इंच बारिश के बाद भी सामान्य से 7 प्रतिशत कम पानी
मध्यप्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 762.7 मिलीमीटर यानी करीब 30 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 816 मिलीमीटर यानी 32.1 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश अभी करीब 2.1 इंच पीछे है और कुल बारिश सामान्य से 7 प्रतिशत कम है। हालांकि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का आंकड़ा काफी अलग है। पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश अब सामान्य से 3 प्रतिशत अधिक हो गई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में अभी भी सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
लगातार बारिश से पूर्वी मध्यप्रदेश के आंकड़े सुधरे
जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश ने प्रदेश के आंकड़ों में तेजी से सुधार किया है। कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने, लेकिन इसी बारिश से मौसमी औसत की कमी भी तेजी से कम हुई है। इस सीजन में पहली बार पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर पहुंचा है। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में अब भी सामान्य से 4 से 23 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश अब भी कम
पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में मानसून की बारिश औसत से पीछे चल रही है। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 5 से 54 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।
24 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज
प्रदेश के 24 जिलों में अब तक औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, डिंडोरी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।
जून में रही बारिश की कमी अब तक पूरी नहीं
इस मानसून सीजन में जून का महीना सबसे कमजोर रहा था। जून में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। इसके बाद जुलाई और अगस्त में कई बार सक्रिय हुए मजबूत मानसूनी सिस्टम के कारण बारिश की कमी को काफी हद तक पूरा किया गया। हालांकि बीच में मानसून के दो ब्रेक आने की वजह से कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। मध्यप्रदेश में सामान्य मौसमी बारिश 37.3 इंच होती है। वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच रहती है।



