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राजस्थान निकाय चुनाव में BJP की बढ़त, 7 में से 6 डिप्टी मेयर पद जीते; एक पर निर्दलीय का कब्जा

जयपुर: राजस्थान के हालिया शहरी निकाय चुनावों में 7 नगर निगमों के डिप्टी मेयर चुनाव में बीजेपी ने 6 पदों पर जीत दर्ज की, जबकि एक पद निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गया। कांग्रेस को इन 7 डिप्टी मेयर चुनावों में कोई जीत नहीं मिली। यह जानकारी 22 सितंबर को हुए डिप्टी मेयर चुनाव के परिणामों से सामने आई है।

उदयपुर में बीजेपी के दिनेश भट्ट डिप्टी मेयर चुने गए। अजमेर में बीजेपी के हेमंत सांखला, अलवर में अजय पुनिया और बीकानेर में पंकज गहलोत ने जीत दर्ज की। भीलवाड़ा में राधेश्याम सोमानी और भरतपुर में अंबिका सैनी को जीत मिली, जबकि पाली में निर्दलीय प्रत्याशी महबूब टी डिप्टी मेयर चुने गए।

अजमेर में बराबर वोट, पर्ची से हुआ फैसला

अजमेर में बीजेपी और कांग्रेस उम्मीदवारों को 40-40 वोट मिले, जिसके बाद डिप्टी मेयर पद का फैसला पर्ची यानी लॉटरी के जरिए किया गया। पाली में भी मुकाबला बेहद करीबी रहा और वहां भी लॉटरी के जरिए परिणाम तय हुआ। वहीं भीलवाड़ा में बीजेपी के राधेश्याम सोमानी निर्विरोध चुने गए।

बीकानेर में कांग्रेस के मेयर के बाद बीजेपी का डिप्टी मेयर

बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस ने मेयर पद पर जीत दर्ज की थी, लेकिन डिप्टी मेयर चुनाव में बीजेपी के पंकज गहलोत ने जीत हासिल कर ली। रिपोर्टों के मुताबिक, मतदान के दौरान क्रॉस वोटिंग हुई, जिसके चलते बीजेपी उम्मीदवार को सफलता मिली। इस तरह एक ही नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर अलग-अलग दलों के हो गए।

बारां में AAP की जीत, मथानिया में कांग्रेस उम्मीदवार विजयी

बारां नगर परिषद के उपसभापति चुनाव में आम आदमी पार्टी के तेजस सुमन ने 50 में से 31 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार नवीन को 19 वोट मिले। जोधपुर की मथानिया नगर पालिका में कांग्रेस के जितेंद्र देवड़ा 18 वोट पाकर उपाध्यक्ष चुने गए।

इसी चुनावी प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस नेता दिव्या मदेरणा सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए हेलमेट पहनकर मतदान केंद्र पहुंची थीं।

रामगंज मंडी में जीत के बाद मंदिर पहुंचे महेंद्र समरिया

कोटा की रामगंज मंडी नगर पालिका में उपाध्यक्ष पद पर बीजेपी के महेंद्र समरिया निर्विरोध चुने गए। जीत के बाद वह दंडवत करते हुए करीब 500 मीटर दूर गोवर्धन नाथ मंदिर पहुंचे।

सवाई माधोपुर नगर परिषद में उपसभापति पद के नामांकन के दौरान बीजेपी चुनाव प्रभारी मदन प्रजापत और पुलिस के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। सीकर में पूर्व सभापति और कांग्रेस पार्षद की ओर से बीजेपी प्रत्याशी रेखा विचारणीय को आशीर्वाद देने की तस्वीर भी चर्चा में रही।

बीकानेर में मतदान के दौरान विधायक जेठालाल विकास की गाड़ी रोके जाने पर विवाद हुआ, जिसे महापौर प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह ने बीच-बचाव कर शांत कराया। उदयपुर की फतेह नगर पालिका में बीजेपी के बागी पार्षद राजेश चपलोद को एससी-एसटी एक्ट के मामले में पुलिस कस्टडी में मतदान के लिए लाया गया।

भरतपुर संभाग में 22 निकायों में बीजेपी समर्थित उम्मीदवार जीते

भरतपुर संभाग के 32 निकायों में बीजेपी समर्थित उम्मीदवार 22 स्थानों पर निर्वाचित हुए, जबकि कांग्रेस को 7 और निर्दलीयों को 3 सीटों पर सफलता मिली। भरतपुर नगर निगम में मेयर अनुराधा सिंह के बाद डिप्टी मेयर पद पर अंबिका सैनी ने जीत दर्ज की।

डीग जिले के सभी छह निकायों में बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों की जीत हुई। वहीं, करौली जिले के 6 निकायों में बीजेपी को 1, कांग्रेस को 2 और निर्दलीयों को 3 पद मिले। धौलपुर में बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबला बराबरी का रहा। सवाई माधोपुर के 6 निकायों में उपाध्यक्ष पद पर बीजेपी ने 4 और कांग्रेस ने 2 सीटें जीतीं।

राजस्थान के व्यापक शहरी निकाय चुनाव परिणामों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी रही, लेकिन कई निकायों में निर्दलीय पार्षदों ने सत्ता के समीकरण प्रभावित किए। राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक शुरुआती चरण में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कई निकायों में करीबी मुकाबले भी देखने को मिले।

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