रूस का यूक्रेन पर फिर बड़ा हमला, सैकड़ों ड्रोन और कई मिसाइलें दागीं; कई शहरों में मची तबाही

नई दिल्ली: रूस ने यूक्रेन के कई शहरों पर एक साथ ड्रोन और अलग-अलग प्रकार की मिसाइलों से हमला किया। हमले में ओनिक्स-एम, जिरकॉन और इस्कंदर-एम जैसी मिसाइलों के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही सैकड़ों ड्रोन भी दागे गए। यह हमला यूक्रेन के 10 क्षेत्रों में हुआ, जिनमें कीव, द्निप्रो और क्रिवी रीह भी शामिल हैं।
यूक्रेनी बलों ने बड़ी संख्या में हवाई खतरों को रोकने का दावा किया, लेकिन कुछ मिसाइलें और ड्रोन अपने लक्ष्यों तक पहुंच गए। हमलों के बाद कई जगह आग लगने और कारखानों को नुकसान पहुंचने की खबर है। चेर्निहिव में करीब एक लाख लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ा, जबकि द्निप्रो में तीन या चार लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई।
एक साथ कई तरह की मिसाइलों से हमला
रूस ने हमले में अलग-अलग क्षमता वाली मिसाइलों का इस्तेमाल किया। ओनिक्स-एम को सुपरसोनिक एंटी-शिप क्रूज मिसाइल के तौर पर जाना जाता है, लेकिन इसे जमीन पर मौजूद लक्ष्यों के खिलाफ भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
जिरकॉन हाइपरसोनिक मिसाइल है, जो बेहद तेज गति से लक्ष्य तक पहुंचने के लिए बनाई गई है। वहीं इस्कंदर-एम बैलिस्टिक मिसाइल है। इनके अलावा कुछ क्रूज मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया गया। हमले में शामिल ड्रोन की संख्या सैकड़ों में बताई गई है और वे अलग-अलग दिशाओं से यूक्रेन में पहुंचे।
यूक्रेन ने 186 हवाई खतरों को रोकने का दावा किया
यूक्रेनी वायु रक्षा बलों ने हमले के दौरान बड़ी संख्या में मिसाइलों और ड्रोन को रोकने का दावा किया। कुल 186 हवाई खतरों को मार गिराने या रोकने की जानकारी दी गई है। हालांकि, इसके बावजूद कुछ मिसाइलें और ड्रोन अपने लक्ष्यों तक पहुंचने में सफल रहे।
कीव समेत कई शहरों में विस्फोट की आवाजें सुनी गईं। औद्योगिक क्षेत्रों और ऊर्जा सुविधाओं को नुकसान पहुंचने के कारण कुछ इलाकों में बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई।
द्निप्रो में मौतें, चेर्निहिव में बिजली संकट
हमले के बाद द्निप्रो में सबसे ज्यादा नुकसान की खबर सामने आई। यहां कई लोगों के मारे जाने और घायल होने की जानकारी दी गई है। वहीं चेर्निहिव में बिजली आपूर्ति बाधित होने से करीब एक लाख लोग प्रभावित हुए।
हमलों के बाद प्रभावित इलाकों में आग बुझाने और मलबा हटाने का काम जारी रहा। कारखानों को नुकसान पहुंचने से स्थानीय आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई है। नागरिक इलाकों में हमलों की खबरों के बाद लोगों के बीच चिंता भी बढ़ी।
रूस ने यूक्रेनी हमलों के जवाब में बताया हमला
रूस ने इस हमले को मॉस्को के आसपास यूक्रेन की ओर से किए गए हमलों का जवाब बताया है। वहीं यूक्रेनी अधिकारियों ने नागरिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने की निंदा की है। रूस का कहना है कि उसके हमले सैन्य और ऊर्जा लक्ष्यों पर केंद्रित थे। दोनों पक्षों की ओर से हमले को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
रूस और यूक्रेन लंबे समय से एक-दूसरे के ऊर्जा और औद्योगिक ढांचे को निशाना बना रहे हैं। ड्रोन और मिसाइल हमलों की बढ़ती संख्या के बीच यूक्रेन की वायु रक्षा व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ रहा है।
ऊर्जा ढांचे पर हमलों से बढ़ी चिंता
ऊर्जा सुविधाओं पर हमलों के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। सर्दियों के करीब आने के साथ ऊर्जा ढांचे को होने वाला नुकसान आम नागरिकों के लिए अतिरिक्त परेशानी पैदा कर सकता है।
यूक्रेन अपनी वायु रक्षा क्षमता मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, जबकि रूस लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिए दबाव बनाए हुए है। लंबे समय से जारी संघर्ष में नागरिकों की सुरक्षा और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को बनाए रखना बड़ी चुनौती बनी हुई है।



