LPG उपभोक्ताओं के लिए बड़ा अपडेट! 1 अक्टूबर से बदलेंगे सिलेंडर की कीमत, बुकिंग और सब्सिडी के नियम, जानें नए नियम

नई दिल्ली: देशभर में LPG उपभोक्ताओं के लिए 1 अक्टूबर 2026 से कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहे हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से जारी नए नियमों के मुताबिक, रियायती दर पर सिलेंडर लेने और 210 रुपये की सब्सिडी का लाभ पाने के लिए बायोमेट्रिक ई-केवाईसी कराना जरूरी होगा। इससे पहले 7 सितंबर से दो सिलेंडर की बुकिंग के बीच न्यूनतम 25 दिनों का अंतर भी निर्धारित किया गया है। इंडेन, एचपी गैस और भारत गैस के उपभोक्ताओं के लिए इन बदलावों को समझना जरूरी है।
सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी
नए सरकारी आदेश के अनुसार, सरकारी सब्सिडी का लाभ लेने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। जिन उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पूरी नहीं होगी, उन्हें प्रति सिलेंडर मिलने वाली 210 रुपये की सरकारी सब्सिडी रोक दी जाएगी। ऐसे ग्राहकों को LPG सिलेंडर बाजार मूल्य पर ही रिफिल कराना पड़ेगा।
हालांकि, ई-केवाईसी पूरी नहीं होने पर गैस कनेक्शन रद्द नहीं किया जाएगा और सिलेंडर की डिलीवरी जारी रहेगी। देश के करीब 89.9 प्रतिशत उपभोक्ता पहले ही यह सत्यापन पूरा कर चुके हैं। ऐसे ग्राहकों को दोबारा प्रक्रिया कराने की जरूरत नहीं होगी।
1 अक्टूबर को जारी होंगे LPG सिलेंडर के नए दाम
तेल विपणन कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर LPG सिलेंडर के दाम तय करती हैं। ऐसे में 1 अक्टूबर को घरेलू और व्यावसायिक LPG सिलेंडरों के संशोधित दाम जारी किए जाएंगे। कीमतों में क्या बदलाव होगा, यह कंपनियों की ओर से जारी होने वाले नए रेट पर निर्भर करेगा।
अब 25 दिन बाद ही बुक कर पाएंगे अगला सिलेंडर
LPG बुकिंग को लेकर भी नियम बदला गया है। 7 सितंबर से लागू व्यवस्था के तहत अब देशभर में पिछला सिलेंडर डिलीवर होने के 25 दिन बाद ही अगली रिफिल बुक की जा सकेगी। पहले ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं के लिए यह अवधि 45 दिन थी। अब ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए बुकिंग की समय सीमा समान कर दी गई है।
फर्जी कनेक्शन और व्यावसायिक इस्तेमाल पर लगेगी रोक
बायोमेट्रिक ई-केवाईसी लागू करने का एक प्रमुख उद्देश्य सब्सिडी वाले घरेलू LPG सिलेंडरों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाना है। होटल, ढाबे और औद्योगिक इकाइयों में घरेलू सिलेंडरों के इस्तेमाल की पहचान करने में इससे मदद मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा एक ही नाम या फर्जी आधार के आधार पर चल रहे डुप्लीकेट कनेक्शनों की पहचान कर उन्हें ब्लॉक करने में भी ई-केवाईसी मददगार होगी।
ऐसे चेक करें अपने LPG कनेक्शन की ई-केवाईसी
उपभोक्ता अपने गैस वितरक की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए LPG कनेक्शन और ई-केवाईसी का स्टेटस जांच सकते हैं। इसके लिए इंडेन, एचपी गैस या भारत गैस की संबंधित आधिकारिक सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा केंद्र सरकार के आधिकारिक पोर्टल MyLPG.in पर भी कनेक्शन और ई-केवाईसी की स्थिति जांची जा सकती है।



