पाकिस्तान में बढ़ा सियासी तनाव, PTI के खैबर पख्तूनख्वा में लग सकती है इमरजेंसी; 4 अक्टूबर के मार्च से पहले केंद्र का बड़ा कदम

इस्लामाबाद: पाकिस्तान सरकार खैबर पख्तूनख्वा में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के 4 अक्टूबर को इस्लामाबाद की ओर प्रस्तावित विरोध मार्च को देखते हुए इमरजेंसी लगाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। केंद्र सरकार ने संकेत दिया है कि अगर प्रांतीय नेतृत्व मार्च वापस नहीं लेता है तो गवर्नर शासन या इमरजेंसी जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
4 अक्टूबर के मार्च को लेकर बढ़ा टकराव
PTI ने अपने संस्थापक इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर इस्लामाबाद की ओर मार्च का ऐलान किया है। यह मार्च पहले 27 सितंबर को प्रस्तावित था, लेकिन बाद में इसे 4 अक्टूबर के लिए टाल दिया गया। अब इसी कार्यक्रम को लेकर केंद्र और PTI के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है।
सत्ताधारी गठबंधन की ओर से चेतावनी दी गई है कि अगर खैबर पख्तूनख्वा का प्रांतीय नेतृत्व मार्च रद्द नहीं करता है, तो PTI की प्रांतीय सरकार को हटाने के लिए गवर्नर शासन या इमरजेंसी लागू करने जैसे विकल्पों पर कदम उठाया जा सकता है।
आतंकवाद को लेकर केंद्र ने उठाए सवाल
संसदीय मामलों के संघीय मंत्री तारिक फजल चौधरी ने संसद भवन में मीडिया से बातचीत में कहा कि खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवाद पर नियंत्रण को लेकर प्रांतीय सरकार की रुचि या सफलता की कमी के कारण संविधान के अनुच्छेद 232 के तहत इमरजेंसी लगाने पर चर्चा हो रही है।
उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि सत्ताधारी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की प्रमुख सहयोगी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी इस कदम का समर्थन करेगी।
PPP ने कहा- संविधान और कानून के मुताबिक देंगे राय
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के महासचिव नैयर हुसैन बुखारी ने कहा कि अगर संघीय सरकार खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर शासन लगाने को लेकर उनकी पार्टी से सलाह लेती है, तो PPP संविधान और कानून के मुताबिक अपनी राय देगी।
बुखारी ने प्रांत की कानून-व्यवस्था की स्थिति को बेहद चिंताजनक बताया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन राजनीति की आड़ में राज्य पर हमला करना स्वीकार्य नहीं है।
PPP ने बातचीत को बताया समाधान का रास्ता
नैयर हुसैन बुखारी ने कहा कि सरकार को कानून का शासन सुनिश्चित करना चाहिए और शांति तथा सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि PPP राजनीतिक बातचीत में विश्वास रखती है और राष्ट्रीय चुनौतियों का समाधान सार्थक राजनीतिक बातचीत के जरिए ही किया जा सकता है।
PTI मार्च को लेकर अपने रुख पर कायम
PTI की ओर से 4 अक्टूबर के प्रस्तावित मार्च को लेकर रुख में बदलाव के संकेत नहीं दिए गए हैं। पार्टी का कहना है कि इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन जारी रहेगा। ऐसे में केंद्र और खैबर पख्तूनख्वा की PTI सरकार के बीच टकराव और बढ़ने की स्थिति बनी हुई है।
फिलहाल खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी लागू नहीं की गई है। केंद्र सरकार की ओर से इसे लेकर गंभीरता से विचार किए जाने की बात कही गई है और आगे का फैसला सुरक्षा स्थिति तथा राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगा।



