गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के स्थापना दिवस पर दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली: गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड, एनएसजी के स्थापना दिवस पर उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया पोस्ट में श्री शाह ने कहा कि एनएसजी ने तूफान की तरह देश पर मंडराते हर आतंकी खतरे को ध्वस्त कर दिया है और अटूट साहस, दक्षता और वीरतापूर्ण बलिदानों के साथ देश की रक्षा की है।
नेशनल सिक्योरिटी गार्ड : संरचना और प्रकार्य
भारत सरकार के केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1984 में यह निर्णय लिया था की एक फेडरल कंटीन्जेंसीज फोर्स का गठन किया जाए जिसके कर्मचारी उच्च स्तर पर आतंकवाद से निपटने के लिए अभिप्रेरित हों। जून 1984 में एक महानिदेशक वाले एनएसजी के एक विशेषज्ञ बल के रूप में गठित करने की अनुमति दी गई थी। इसके गठन के लिए अगस्त , 1986 में संसद में एक विधेयक पेश किया गया और 22 सितंबर , 1986 इस विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद नेशनल सिक्योरिटी गार्ड औपचारिक तौर पर इस तिथि को अस्तित्व में आ गया था । इसे एक संघीय आकस्मिक बल के रूप में गठित किया गया। इसे ब्रिटेन के एसएएस और जर्मनी के जीएसजी – 9 की तर्ज पर बनाया गया था ।
यह एक कार्य उन्मुख बल है और इसके दो घटक हैं :
- स्पेशल एक्शन ग्रुप जिसमें सेना के कर्मचारी शामिल होते हैं।
- स्पेशल रेंजर ग्रुप्स : इसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्य पुलिस बलों के कर्मचारी शामिल होते हैं।
नेशनल सिक्योरिटी गार्ड का गठन आतंकवाद विरोधी एक विशेषज्ञ निकाय के रूप में में किया गया था । इसे ऑपरेशन ब्लू स्टार के परिप्रेक्ष्य में गठित किया गया था । देश के किसी भी भाग में आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए इसे दायित्व दिया गया है। यह विश्व स्तरीय शून्य त्रुटि बल है । इसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों , भारतीय सेना और राज्य पुलिस बलों से अधिकारी और कर्मचारी लिए जाते हैं । इसे इस प्रकार संसाधन संपन्न बनाया गया और प्रशिक्षित किया गया है जिससे आतंकवाद के सभी रूपों से अचूक , मारक तरीके से निपटा जा सके । नेशनल सिक्योरिटी गार्ड भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है । सर्वत्र सर्वोत्तम सुरक्षा इसका ध्येय है । इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है। इसके क्षेत्रीय कार्यालय मुंबई , कोलकाता , हैदराबाद , चेन्नई और गांधीनगर में हैं ।
नेशनल सिक्योरिटी गार्ड के कर्मचारियों को ब्लैक कैट्स के नाम से भी जाना जाता है। 2008 में मुंबई आतंकी हमलों के बाद सिक्योरिटी गार्ड की भूमिका को बढ़ाने पर बल दिया गया। मुंबई आतंकी हमलों के समय राहत और बचाव कार्य के लिए नेशनल सिक्योरिटी गार्ड द्वारा ऑपरेशन ब्लैक टॉरनेडो चलाया गया था। नेशनल नेशनल सिक्योरिटी गार्ड के कमांडोज को अस्त्र शस्त्र, बारूद, विस्फोटक पदार्थ, जंगल वारफेयर रणनीति और कौशल , पैरा जंपिंग, फोटोग्राफी और शिप इंटरवेंशन ड्रिल्स और बंधकों के बचाव में विशिष्ट प्रशिक्षण दिया जाता है। पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा पठानकोट पर आतंकी हमले के समय 300 ब्लैक कैट कमांडोज को स्मार्ट हथियारों के साथ आतंकवादियों से निपटने के लिए तैनात किया गया था। इन्हें अत्याधुनिक और परिष्कृत मारक हथियार और बारूद सामग्री से लैस किया गया था। बंधक विरोधी अभियानों और बचाव ( रेस्क्यू ) अभियानों को अचूक ढंग से पूरा करने के लिए नेशनल सिक्योरिटी गार्ड को जाना जाता है।



