
नई दिल्ली: दशहरे पर देशभर में रावण के पुतले का दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में रावण नाम से जुड़े 34 गांव और स्थान भी दर्ज हैं? vlist.in पर ‘Rawan’ नाम से की गई खोज में इन स्थानों का उल्लेख मिलता है। उपलब्ध सूची के मुताबिक, राजस्थान में रावण नाम से जुड़े सबसे ज्यादा 10 गांव हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ में सात और उत्तर प्रदेश में छह ऐसे गांव या स्थान दर्ज हैं। ये स्थान देश के अलग-अलग राज्यों में फैले हुए हैं।
राजस्थान में रावण नाम वाले सबसे ज्यादा गांव
vlist.in पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में रावण नाम या इससे जुड़े नामों वाले 10 गांव दर्ज हैं। इनमें रावण गुरारी, केरियां रावण, इसरवास (रावण), बरबरी रावण, बगरू रावण, महेशपुरा रावण, खेरली रावण और देओली रावण जैसे नाम शामिल हैं।
हालांकि, इन आंकड़ों को मौजूदा स्थिति का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता। वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी वर्ष 2011 की जनगणना पर आधारित है। इसके बाद गांवों के नाम, प्रशासनिक सीमाओं और अन्य विवरणों में बदलाव संभव है। इन स्थानों की वर्तमान स्थिति की स्पष्ट जानकारी नए जनगणना आंकड़े सामने आने के बाद ही मिल सकेगी।
छत्तीसगढ़ में 7 और उत्तर प्रदेश में 6 स्थान
रावण नाम से जुड़े गांवों की सूची में छत्तीसगढ़ भी प्रमुखता से शामिल है। यहां ऐसे सात गांव या स्थान दर्ज हैं। इनमें रायपुर के अलावा भेजरी रावण, रावण खोंद्रा, रावण (रावड़) और सावन रावण जैसे नाम शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश में रावण नाम वाले छह गांव या स्थान सूचीबद्ध हैं। इनमें खीरी का रावण, रावण उर्फ बरागांव, रावण बुजुर्ग, कंद रावण, बहू रावण और रावण खुर्द उर्फ बीबीपुर शामिल हैं।
अन्य राज्यों की बात करें तो पंजाब में रावण नाम से जुड़े तीन स्थान दर्ज हैं। बिहार, मध्य प्रदेश और हरियाणा में ऐसे दो-दो स्थान सूची में शामिल हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में भी रावण नाम से जुड़ा एक-एक स्थान दर्ज है।
केवल ‘Rawan’ नाम से दर्ज हैं 10 गांव
इस सूची में एक दिलचस्प जानकारी यह भी है कि 10 गांव ऐसे हैं, जिनका नाम सीधे ‘Rawan’ दर्ज है। इनमें बिहार के कैमूर, मध्य प्रदेश के विदिशा, पंजाब के होशियारपुर और कपूरथला, छत्तीसगढ़ के रायपुर, उत्तर प्रदेश के खीरी तथा राजस्थान के झुंझुनूं और उदयपुर से जुड़े गांव शामिल हैं।
सूची में छत्तीसगढ़ के रायपुर में इस नाम से जुड़े एक से अधिक रिकॉर्ड भी दिखाई देते हैं। वहीं, मध्य प्रदेश के विदिशा में भी ‘Rawan’ नाम का गांव अलग से दर्ज है। भारत सरकार के जनगणना रिकॉर्ड में भी इस नाम वाले गांवों का उल्लेख मिलता है।
दशहरे पर क्यों चर्चा में आते हैं रावण नाम वाले गांव?
दशहरे के अवसर पर देशभर में रावण दहन की परंपरा निभाई जाती है। ऐसे में रावण नाम वाले गांवों की जानकारी लोगों के बीच उत्सुकता पैदा करती है। हालांकि, किसी गांव का नाम रावण होने मात्र से यह साबित नहीं होता कि उसका इतिहास या वहां की स्थानीय मान्यताएं रामायण के रावण से सीधे जुड़ी हुई हैं।
vlist.in पर उपलब्ध वर्ष 2011 की जनगणना आधारित जानकारी भारत में स्थानों के नामों की विविधता की झलक पेश करती है। इस सूची में राजस्थान सबसे आगे है, जबकि छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में भी रावण नाम से जुड़े कई गांव दर्ज हैं। इन आंकड़ों को पुरानी जनगणना पर आधारित सूची के रूप में ही देखना चाहिए।



