पीएम मोदी ने नेतन्याहू के साथ पश्चिम एशिया के हालात पर बातचीत कर डिप्लोमेसी पर दिया ज़ोर

नई दिल्ली ( दस्तक डेस्क) : भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतनयाहू से आज फोन पर भारत इजरायल संबंधों और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात की। दोनों नेताओं ने अपने स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जाहिर की साथ ही पश्चिम एशिया में क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा की बहाली के लिए साझे प्रयासों पर जोर दिया।
रक्षा सहयोग द्विपक्षीय संबंधों का हैं प्रमुख आधार:
भारत और इजरायल के मध्य प्रतिवर्ष लगभग 1 बिलियन डॉलर का प्रतिरक्षा व्यापार होता है । भारत महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों , हथियारों का आयात इजरायल से करता रहा है। भारत के लिए दक्षिण एशिया में आतंकवाद से निपटने , हिन्द महासागर की सुरक्षा , पाकिस्तान और चीन से सामरिक दृष्टि से निपटने में इजरायल भारत के लिए उपयोगी है ।
इजरायल ने भारत को फाल्कन अवाक्स रडार , बराक मिसाइल, ग्रीन पाइन रडार, स्पाइस बॉम्ब प्रदान किए हैं । वर्ष 2019 में भारत ने इजरायल से 300 मिलियन डॉलर मूल्य वाले 100 स्पाइस बॉम्ब खरीदने का समझौता किया है। भारत ने पाकिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ किए गए बालाकोट स्ट्राइक में स्पाइस बॉम्ब का ही उपयोग किया था । इसके अलावा इजरायल भारत को मानव रहित विमान हेरान और हारूप दे चुका है। 2017 में इज़रायल में हुए पहले संयुक्त सैन्या भ्यास ब्लू फ्लैग – 17 में भारतीय वायु सेना के गरुण कमांडोज ने भाग लिया था ।
भारत और इजरायल के प्रतिरक्षा संबंधों को मजबूती दोनों के मध्य हुए होमलैंड सिक्योरिटी एग्रीमेंट से भी मिली है। उल्लेखनीय है कि इस समझौते के तहत सीमा पार आतंकवाद से निपटने , आंतरिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने, अपराध नियंत्रण और निरोध तथा पुलिस आधुनिकीकरण के विषयों पर बल दिया जाता है। भारत द्वारा पाकिस्तानी आतंकियों के खिलाफ किए गए सर्जिकल स्ट्राइक में स्पाइस बॉम्ब का इस्तेमाल किया जाना होमलैंड सिक्योरिटी के लिए दोनों की वचनबद्धता को दर्शाता है ।



