देहरादून ( दस्तक डेस्क) : उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद के लिए न्यायमूर्ति सुधीर सिंह के नाम की सिफारिश की गई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अपनी नवीनतम बैठक में पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधीर सिंह को उत्तराखंड हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए जाने की सिफारिश की है। सरकार की मंजूरी व राष्ट्रपति भवन की अधिसूचना के बाद उनकी नियुक्ति प्रभावी होगी।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता के आठ अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त होने के बाद न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। न्यायमूर्ति सुधीर सिंह पटना हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने 15 अप्रैल 2015 को पटना हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाला था और 20 अप्रैल 2016 को स्थायी न्यायाधीश बने।
जस्टिस सुधीर सिंह ने विकास विद्यालय, रांची से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद पटना विश्वविद्यालय के पटना कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक और पटना विश्वविद्यालय के पटना लॉ कॉलेज से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की थी।
1991 में उन्होंने अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया। उन्होंने पटना उच्च न्यायालय में केंद्र सरकार के वकील, रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड) के लिए रेलवे अधिवक्ता, भारतीय लेखापरीक्षा और लेखा विभाग के लिए अतिरिक्त स्थायी वकील और भारत के सहायक सॉलिसिटर जनरल के रूप में कार्य किया।
उन्होंने मुख्य रूप से आपराधिक और रिट मामलों में पैरवी की। वे कानून के क्षेत्र में प्रतिष्ठित परिवार से आते हैं। उनके परदादा स्व नंद किशोर प्रसाद सिंह, छपरा जिला न्यायालय में जबकि उनके दादा, स्वर्गीय बलदेव प्रसाद सिंह पटना उच्च न्यायालय में वकालत करते थे और लंबे समय तक बैरिस्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे।
जस्टिस सिंह के पिता, न्यायमूर्ति एनपी सिंह, भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश हैं और कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट की कोलेजियम की सिफारिश के अनुसार गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस एमआर पाठक को गुजरात हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस, तेलंगाना हाईकोर्ट के जस्टिस पीएस कोषय को दिल्ली हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस तथा कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस टी चक्रवर्ती को तेलंगाना हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की गई है।




